सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती....विवाह के अवसर का स्वागत गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार स्थानीय बोली में एक विवाह गीत सुना रहे हैं, मिथिला के लोकाचारों में परम्परागत से राम और सीता के विवाह के सन्दर्भ में अब भी उत्सव के रूप में प्रचलित हैं:
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती-
खीर खाइ बेटा जन्मवलेन अवधपुरी के नारी-
जनकपुरी में लाए बाराती सखियां देवें गाली-
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती-
हाथी-घोड़ा आवे बाराती पालकी में दुल्हाचारी-
मिथिला नगर में मच गए हलचल उछले नर अव नारी-
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती....
