सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता...गोंडी आरती गीत -
ग्राम-हंडियामाल, थाना+विकासखंड -मोहगाँव, जिला-मंडला (म.प्र.) से विजय कुमार मरकाम एक गोंडी गीत सुना रहे है:
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता-
जयदेवा इन्दाना रो सेवा सजुर पेन ता-
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता-
सेवा-सेवा इन्दाना रो-
साज मडा देवतन सुमरी कियाना-
जय देवा इन्दा को वर्जी नवा नावा-
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता...
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR MARKAM
सत्य नाम ला जपिहों कहिके वादा करके आये तै...भक्ति गीत -
ग्राम-न्योसा मंद्रवानी, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से विजय कुमार वाकरे एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
सत्य नाम ला जपिहों कहिके वादा करके आये तै – मोह माया के चक्कर मा पगला सबो ला गवाएं तै – मानुष तन ला पा के तोला घमंड हो गए भारी – वो दिन तै पछताबे गा भई जब जाबे वोकर दुवार – सत्य भजन ला तै गाबे सबके बीड़ा लाती उठाबे – तै हां हंसा रे काबर भुलाये माया धार मा...
Posted on: Nov 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR WAKRE
Bultoo Radio from Gadchiroli Maharashtra in Hindi : 7th September 2017...
Today Vijaya Shah and Lata are presenting a Bultoo Radio Program from Gadchiroli Maharashtra in Hindi language in this latest edition of Bultoo radio programs. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Sep 06, 2017. Tags: GADCHIROLI MAHARASHTRA SONG VICTIMS REGISTER VIJAYA SHAH LATA
सावन महिनामां में, कांवर उठा ल भईया जी...भक्ति गीत
विजय प्रसाद एवं उनके साथ अवधेश प्रसाद, राजनारायण प्रसाद चकरसूल, पोस्ट महदैया थाना मीनापुर, मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
बड़ा नीक लागेला देवघर नगरिया-
सावन महिनामां में-
कांवर उठा ल भईया जी-
जलवा चढ़ाल भईया जी-
कतेक दानी बाटे भोला बउरहवा-
अन्न धन से भोला दानी भरेलन घरवा-
भंगियां धतुरवां से मातल रहेला-
सावन महिनामां में, कांवर उठा ल-
अन्हरा के आंख दिहले कोढ़ीया के काया-
बांझीन के पूत्र दिहले निर्धन के माया-
जटवा से बहेला गंगा जी के धरवा-
सावन महीनमां में...
भोलादानी के हमहुं करेली अरजीया-
तोहके भरोसेबानी, अईली हम दुअरिया-
बोलबम के नरवां में गुंजेला मंदिरवां...
Posted on: Jul 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Prasad
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं...कविता -
ग्राम-रजवाड़ा, थाना-साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विजय प्रकाश लोकप्रिय एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते पूरे हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
आन बिकते हैं मन बिकते हैं मानव का सम्मान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते यहाँ तो इंसान बिक जाते हैं-
मंदिर बिकते हैं,मस्जिद बिकते हैं, उसमे स्थित भगवान् बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते साधू,भगवान बिक जाते हैं-
प्राण बिकते हैं निशान बिकते है किसी गरीबों का कत्लेआम बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते मानवता का प्रमाण बिक जाते हैं-
शान बिकते हैं सम्मान बिकते है,बेचने वाले क्या नहीं बेचते-
इंसानियत का फरमान बिक जाते हैं-
धन बिकते हैं तन बिकते हैं सोने का खान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते देश का आर्थिक लगान बिक जाते हैं-
अमीन बिकते हैं,जमीन बिकते हैं,खया की गिरेबान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते गरीबों का दालान बिक जाते हैं-
मन बिकते हैं,तन बिकते हैं ,गरीबों का शरन बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते धोबी का चाँद बिक जाते हैं-
मांग बिकते हैं समांग बिकते हैं राजगद्दी का टांग बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते जनता का अरमान बिक जाते हैं-
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,गद्दारों के ईमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचतेहैवानो से हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
