अरे आलू टमाटर के चटनी और अरहर के दाल...होली गीत
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट अभी के माहौल के अनुसार एक होली गीत सुना रहे है:
अरे आलू टमाटर के चटनी-
और अरहर के दाल-
श्री चावल के खाले मंजेदार-
अरे आलू टमाटर के चटनी...
Posted on: Feb 23, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
अपनी परम्परा मर्यादा निभाना प्यारी बन्नी...विवाह लोकगीत
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट एक विवाह लोकगीत सुना रहें है:
अपनी परम्परा मर्यादा निभाना प्यारी बन्नी-
ससुराल जाके बेटी ससुरा को कुछ मत कहना-
अपनी पापा जी की प्यार निभाना प्यारी बन्नी-
ससुराल जाके बेटी सासु माँ मत कुछ कहना-
अपनी मम्मी जी की प्यार निभना प्यारी बन्नी-
अपनी परम्परा मर्यादा निभाना प्यारी बन्नी...
Posted on: Feb 20, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो...मडवा रेला गीत
आमापारा ग्राम-पंचायत-बड़े गौरी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर, छत्तीसगढ़ से उजारो, दुलमा, नवरी, पनकिन, रामकुंवर, सगरी बाई और सुगवत एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो-
ओर बोरा बिहाव वो दाई-
न ना बिहाव दाका वो दाई-
न ना बिहाव दाका-
जाती कोला लायोर बिहाव वो-
दाई बिहाव वो दाई...
Posted on: Feb 13, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
संगवारी रे कैसे बचाबो परान...वन गीत
ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं :
संगवारी रे कैसे बचाबो परान – जंगल के बिना पानी नई बरसही – जंगल के बिना बरसा नई होही – कहां पाबो कुटकी धान भईया गा – जंगल मा मिलथे पूटू और पिहरी सब्जी गजब मिठाथे गा भईया – जंगल के तेंदू भेलवा खाए ले पाचन शक्ति बढाते गा भईया – जंगल ला झिन काटो गा भईया...
Posted on: Feb 12, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
जोश न खोया होश न खोया...देशभक्ति कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
जोश न खोया होश न खोया-
देश की सेना का वीर जवान-
हाथ में राइफल लेकर-
दुश्मनों पर टूट पढ़ा-
परवाह न किया अपना जान-
गिन-गिनकर चुन-चुनकर-
दुश्मनों को मार गिराया-
जान के बदले जान लेकर
दुश्मनों का मान बढाया...
