समाजवाद, जिसने लिया रसास्वाद, उसने हुआ आबाद बाकी सब हैं बर्बाद.... कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक कविता सुना रहे हैं :
समाजवाद, जिसने लिया रसास्वाद, उसने हुआ आबाद बाकी सब हैं बर्बाद-
जातिवाद कर रहे हमें बर्बाद, उनमे नहीं किसी इसे लगाव-
हमें करा रहे हैं अलगाव, सबको दे रहे है घाव
विदेशी छोड़ रहे हैं यहां प्रभाव इसलिए नहीं किसी से लगाव-
हमें हो गया अपने घर से ही लगाव-
देश से कर बैठे अलगाव, एकता का है अभाव...
Posted on: Mar 07, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
तोर गढ़ा लंका कैसन बघेसर...फाग गीत
कन्हैयालाल केवट ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से अपने साथियों के सांथ ढोल बाजा के सांथ फाग गीत सुना रहे हैं इस गीत को होली के अवसर पर गाया जता
है, लोग इसमें बड़ी बड़ी टोली लेकर घर-घर जाकर गाते है :
तोर गढ़ा लंका कैसन बघेसर-
तोर गढ़ा लंका कैसन बघेसर...
Posted on: Mar 06, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन...भजन गीत
ग्राम-छुल्कारी, जिला अनूपपुर (मध्प्रदेश) से कन्हैयालाल केवट अपने सांथी राम निवास और राजी प्रसाद के सांथ एक भजन सुना रहे हैं :
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन-
वो तो गली गली हरी गुन गाने लगी-
महलों में पली बन के जोगन चली-
मीरा रानी दीवानी कहाने लगी-
राणा ने विष पिया मनो अमृत पिया-
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन...
Posted on: Mar 02, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा...होली गीत
तमनार, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक गीत सुना रहे हैं :
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा-
खेलो कृष्ण रंग की होली, मरो श्याम रंग पिचकारी-
बोलो प्रेम प्यार की बोली, करो प्रेम प्यार से ठोली-
भर लो प्रेम प्यार से झोली, खेलो कृष्ण रंग की होली-
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा...
Posted on: Mar 01, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
गाय गोबर से बना लो अपना कंडा...कविता
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक कविता सुना रहे हैं :
गाय गोबर से बना लो अपना कंडा-
गरम कर लो अपना हंडा, जो भी हो तुम्हारा ठंडा-
मन हो जायेगा चंगा, गाय गोरु होते हैं कई रंग-
फिर भी चरते संग-संग नही मानते किसी को बदरंग-
जाते हैं संग-संग आते हैं संग-संग-
उनमे होती ही है अथाह प्रेम-नही करते किसी से खेम-
बछड़ा से करते है सभी प्रेम लूटा देते सभी प्रेम...
