समाजवाद, जिसने लिया रसास्वाद, उसने हुआ आबाद बाकी सब हैं बर्बाद.... कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक कविता सुना रहे हैं :
समाजवाद, जिसने लिया रसास्वाद, उसने हुआ आबाद बाकी सब हैं बर्बाद-
जातिवाद कर रहे हमें बर्बाद, उनमे नहीं किसी इसे लगाव-
हमें करा रहे हैं अलगाव, सबको दे रहे है घाव
विदेशी छोड़ रहे हैं यहां प्रभाव इसलिए नहीं किसी से लगाव-
हमें हो गया अपने घर से ही लगाव-
देश से कर बैठे अलगाव, एकता का है अभाव...
