हमसे मिली हैं पुवते आजाद हिन्द को...कविता-
(उतरप्रदेश) गाजीपुर से सनोज यादव कविता सुना रहें हैं:
हमसे मिली हैं पुवते-
आजाद हिन्द को-
होने नही देंगे हम-
बर्बाद हिन्द को-
तुम मुझे खून दो-
मैं तुम्हे आजादी दूंगा...(RM)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: KAVITA UP
न्याय मनुष्य के अच्छी व्यवहार के लिए बना है ...अंतर्राष्टीय न्याय दिवस
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व सुविचार के बारे में बता रहे है|
आज 20 फरवरी है ,और 20 फरवरी को अंतराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है और यह दिवस 2009 से सारे विश्व में मनाया जाता है,अन्याय और मनुष्य को पाशविक प्रवृति की ओर ले जाता है और न्याय मनुष्य के अच्छी व्यवहार के लिए बना है,अन्याय का न्याय जब होता है जब मानवीय संवेदना भिन्न -भिन्न होती है, तब ही अधिकारों में भिन्नता उत्पन होती है जिससे अधिकारों का हनन होता है और मनुष्य में अपने अधिकारों को लेकर स्वार्थ आ जाता है| (AR)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: STORI
करिला बिनीतिया तुम्हार हे वीणा वाली...सरस्वती वंदना-
ग्राम-भादेश्रा,जिला मऊ (उत्तरप्रदेश) से सुजीत शर्मा एक गीत सुना रहे हैं:
करिला बिनीतिया तुम्हार हे वीणा वाली-
लाख जाई का हंस के सवारी-
तोहे वीणा बा बजा न माँ-
हाँथ बा के कामल लेके-
चलदी सनमा ममता के मोहा तू फंसा...(AR)
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: SONG
वनांचल स्वर: परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं...
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनोज कुमार पटेल परंपरागत खेती की आज की खेती से तुलना करते हैं। मोदे गाँव में पहले परांपरगतढंग से खेती का प्रचलन था। यह इलाका नदी किनारे बसावट वाला है। यहाँ जंगल से आने वाला पानी जमीन में बैठकर जमीन को उपजाऊ बना चूका है। यहाँ खेती करने के लिए किसी प्रकार की खाद की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। मनोज के पूर्वज जमीन से पानी निकालने के लिए लकड़ी का ‘टेढ़ा’ बनाते थे। परन्तु आज खेती करने वाले लोग खाद का इस्तेमाल करते हैं। मनोज के मुताबिक इसका कारण यह हो सकता है कि देशी बीज के इस्तेमाल में कमी आई है। आधुनिकरण के कारण किसान अब कम समय में ज्यादा खेती करना चाहते हैं। सम्पर्क:- 9479070321, 6268684544 (185674) GT
Posted on: Feb 20, 2021. Tags: CG KANKER MANOJ PATEL VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर : वनों को बचाने में वन समितियों का योगदान...
ग्राम-धनेली कनार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल कोमरा वन सरंक्षण समिति के बारे में बता रहे हैं| वनों में स्थित पेड़ों की कटाई पर नज़र रखते हैं| जो लोग पेड़ों को काटते हैं हम उन लोगों पर जुर्माना लगाते हैं| हमारे गाँव में वृक्षारोपण कर्मचारी आए थे और वृक्षारोपण करके गये थे, हम लोग उन पौधों की देखभाल करते हैं| हमारी समिति का काम जंगल में लगने वाली आग को भी फैलने से रोकना है| इस कार्य में हमारी सबसे बड़ी मदद मोबाइल करता है जिस पर हम सभी जुड़े हैं| आग को रोकने क लिए समिति परम्परांगत तरीकों का इस्तेमाल करती है| समिति वृक्षारोपण भी करती है जिसमे भेलवा, बांस, खम्हार और भी कई तरह् के वृक्ष लगाती है| (RM)
