पीड़ितों का रजिस्टर: 15 दिन मै जेल में था केश लड़ने में मुझे बहुत पैसे लगे सरकार ने कोई मदद नही किया
ग्राम-मेड़ो, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर, (छत्तीसगढ़) जेंती लाल बता रहे हैं कि वे 2002 में तेंदू पत्ता के फड़ मुंशी थे सभी पत्तों में आग लग जाने के कारण उन्हें ग्रिफ्तार किया गया, वे 15 दिन जेल में रहे| उनके जेल जाने के बाद घर की की परिस्थिति में बदलाव आया| उनके आय का कोई साधन नही था, इससे उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो थी| बाद में वकील की मदद से उन्हें जमानत मिली| जिसमे अधिक पैसे भी लगे जो गाँव के एक-दूसरे से उधारी मांगकर वकील के फीस का इंतजाम किया और अभी वे वापस अपने घर में है|
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: CG DURGUKONDAL KANKER VICTIM REGISTER
चकई कचक दुम गाँव की बगिया फूल चुने हम तुम...कविता-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र प्रताप सिंह एक कविता सुना रहे हैं
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
गाँव की मडईया साथ रहे हम तुम-
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
दूध पिये हम तुम-
चकई कचक दुम चकई कचक दुम-
गाँव की बगिया फूल चुने हम तुम-
कागज की नईया पार करे हम तुम...(AR)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: POEM
हे प्रभु तू ही मेरा सहारा जीवन के डगरी में...मसीह भजन-
झारखण्ड से ऊमा एक मसीह गीत सुना रही हैं:
हे प्रभु तू ही मेरा सहारा-
जीवन के डगरी में-
हे प्रभु तू ही मेरा भरोसा-
जीवन के डगरी में-
जीवन के डगरी में-
धोखा मै पाता प्रभु-
हे प्रभु तू ही मेरा सहारा...(AR)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: SONG
प्रभु का धन्यवाद करूंगा...मसीह भजन-
झारखण्ड से ऊमा एक मसीह गीत सुना रही हैं:
प्रभु का धन्यवाद करूंगा-
उसके संगती में सदा रहूँगा-
साथ चलूँगा मै जय जरुर पाऊंगा-
कितना अच्छा है ओ-
कितना धन्य है ओ-
यीशु मेरे जीवन का साथी-
सारी जरूरतों को पूरी करता है ओ...(AR)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: SONG
वनांचल स्वर: जड़ी बूटी के बारे में बता रहें-
ग्राम-मोदे, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वैद्यराज मनोज कुमार पटेल बताते हैं कि वह किस-किस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल कर मरीजों का इलाज करते हैं। उनका परिवार यह काम पीढ़ी दर पीढ़ी करता आ रहा है। वह जनता के लाभ के लिए यह काम निःशुल्क कर रहे हैं। निमोनिया, चर्म रोग संबंधी घाव, खुजली जैसे छोटे-मोटे रोगों का इलाज में जंगल से जड़ी-बूटी लाकर करते हैं। व्यवसायीकरण और बाज़ारीकरण के कारण बहुत सी जड़ी बूटियां विलुप्त हो गयी हैं|
