डंगुड पहाड़ मावा नेली रो दादा...गोंडी वर्षा गीत

ग्राम कौड़िया तहसील पांढुर्ना जिला छिन्दवाडा (म.प्र.) से जितेन्द्र उइके जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं|गीत में बताया गया है कि हम जंगल-पहाड़ में बसे हैं, हमारी खेती-बाड़ी भी वहीं है. जंगल में रिमझिम बरसात के मौसम में कोयल अपनी कुहूँ-कुहूँ की आवाज सुना रही हैं,नदियों में कल-कल झरना बह रहा है:
डंगुड पहाड़ मावा नेली रो दादा, डंगुड पहाड़ मावा नेली
अरे रिमझिम-रिमझिम वात बरसात रो, कुहूँ-कुहूँ कोयल कुकीता
छम-छम मन एन्दी लाता रो दादा, डंगुड पहाड़ मावा नेली
डंगुड पहाड़ मावा नेली.........
गारड़-गारड़ बिजली चमके माता, गारड़-गारड़ बिजली चमके माता,
फरड-फरड पुन्दरी पूरिता, कल-कल येर पोंगिलाता रो दादा
डंगुड पहाड़ मावा नेली..........

Posted on: Jul 26, 2014. Tags: Gondi Jitendra Uike SONG VICTIMS REGISTER

मरका पर्रो कांवा ना डेरा...गोंडी गीत

ग्राम लामता जिला बालाघाट मध्यप्रदेश से ब्रजलाल टेकाम जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं ।गीत के माध्यम से बताया गया कि कौवा अपने बच्चों के लिए आम के पेड़ पर गोदा बनाता है, उसी पर निवास करता है और किस प्रकार से अपने बच्चो के लिए दाना चुन चुनकर लाता हैं तथा खिलाता है...
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका पर्रो कांवा ना डेरा रो भाई
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका मडा ते गा, ताना हैई डेरा
घास सनकाडी ता, बने किता घेरा
अनी अगा ताना मंदा बसेरा रो भैया
मरका पर्रो कांवा ना...
चुडू-चुडू चंव्वा, अनी चुडू-चुडू पूता
चंव्वा नू तिह्ताता, वन्जी अनी कूता
अनी मरका पर्रो ताना, बसेरा रो भैया
मरका पर्रो कांवा ना...
वले-वले लख अन्ता, तिन्दाले गा दाना
दिन अर्रे वाईता, ताना ठिकाना
अनी मरका पर्रो ताना, बसेरा रो भैया’
मरका पर्रो कांवा ना डेरा
मरका पर्रो कांवा ना...

Posted on: Jul 22, 2014. Tags: Brajlal Tekam Gondi SONG VICTIMS REGISTER

नावा मामा ना टूरी वो, केंजा नवा गोंडी पाटा...गोंडी लोकगीत

ग्राम-लामता, जिला-बालाघाट, मध्य प्रदेश से ब्रजलाल टेकामजी एक पारम्परिक गोंडी लोकगीत गा रहे हैं. गीत में जीजा अपनी शाली से हंसी-ठिठोली करते हुए गानें में कुछ कहना चाह रहे हैं:
भीमिर-भिमिर पीर वाईता, ढोड़ा उषा वाता
अन सांगो घुस्सूर बैसी, बोट्टे देहकी लाता
नावा मामा ना टूरी वो, केंजा नवा गोंडी पाटा
नावा मामा ना टूरी वो...
पुपुल दाड़ी, पुपुल दाड़ी, व्ईयो हिल्ले बाड़ी
अनि अन सांगो, जल्दी-जल्दी छूटे मायल गाड़ी
नावा मामा ना टूरी वो...
कनकी ता गाटो, चिरोटा ता भाजी
अनि आलू भट्टा परो, सांगो-अरसिता गाजी
नावा मामा ना टूरी वो...
ठेका ते ठेका अनि, तोड़ी ता ठेका
ना संग दे ऐन्दिकी ते, पैसा नना सेका
नावा मामा ना टूरी वो...

Posted on: Jul 21, 2014. Tags: Brajlal Tekam Gondi SONG VICTIMS REGISTER

जिला बालाघाट, जिला बालाघाट, हुन्दीले डाले करौंदा...गोंडी गीत

ग्राम-लामता, जिला-बालाघाट, मध्यप्रदेश से ब्रजलाल टेकाम जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं.और यह गीत बालाघाट जिले के ऊपर आधारित हैं और गीत में बालाघाट जिले की विशेषता बताई गई है:
जिला बालाघाट, जिला बालाघाट
हुन्दीले डाले करौंदा
हट्टा ता बांवली, लांजी ता किला
बाहुन हई अद जिला , हुन्दीले दाले करौंदा
जिला बालाघाट...
किसेना तैयारी जल्दी तो दाले
हॉटल ते मन-मन ता, मीठो तिन्दाले
अनि वलियाले गर्रा ता घाट, हुन्दीले डाले करौंदा
जिला बालाघाट...
भरवेली माईन ते शोभा है ई जिला,
भयर मलाजखंड तांबो ता शीला
आणि मोहगाँव कोंदा ता हाट, हुन्दीले डाले करौंदा
जिला बालाघाट...
थाना कटंगी ते साठू नावाड़ी लामता, नरसिंग ते नर्सिंग पहाड़ी
अनि वैनगंगा ते हैं टूटी बाँध, हुन्दीले डाले करौंदा
जिला बालाघाट...
अट्टा ता बांवली लांजी ता किला
बाउन हैं हद जिला, हुन्दीले दाले करौंदा
जिला बालाघाट...

Posted on: Jul 20, 2014. Tags: Brajlal Tekam Gondi SONG VICTIMS REGISTER

सीजीनेट स्वर हमारा, सफल रही रे, गोंडी धर्म और भाषा चलत रही रे...

मंडला, मध्यप्रदेश से अमर मरावी द्वारा गोंडी भाषा और सीजीनेट स्वर से सम्बंधित एक गीत-
सीजीनेट स्वर हमारा, सफल रही रे
गोंडी धर्म और भाषा चलत रही रे !!...2
गांव गांव में, दीप जली है
जय बड़ादेव की, ज्योति जली है
गोंडवाना इरादा, अटल रही रे
गोंडी धर्म और भाषा...
हक़ है हमारा, एक रहेंगे
सीजी नेटसे, जुड़ते रहेंगे
गोंडी भाषा हमारी, अचल रही रे
गोंडी धर्म और भाषा...
गोंडी स्वर में और भाषा चलत रही रे
सीजी नेट स्वर हमारा सफल रही रे
गोंडी धर्म और भाषा चलत रही रे !!...2

Posted on: Jul 10, 2014. Tags: Amar Maravi Gondi SONG VICTIMS REGISTER

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