गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें...गजल-

उत्तरप्रदेश से शिवकुमार एक गजल सुना रहे हैं:
गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें-
आइना वही है मगर चहेरे बदल गयें-
मेरी तरफ देख तरस मत खाइये-
घर में बहू के आते ही-
बेटे बदल गयें-
गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें...(AR)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: GAJAL

रही जो कृपा भगवन के...भोजपुरी लोक गीत-

जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक भोजपुरी लोक गीत सुना रहे हैं:
जिक राम न बिगड़ हैंये-
ओ कर लोग का बिगाड़ी-
रही जो कृपा भगवन के-
निर्बल न को बोहारी-
हर दम तो पूरा चाहे ला-
दुनिया में हो मुदइया...(AR)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: BHOJPURI SONG

हम सबको रहता है जिसका इंतजार वह बसंत ऋतु आ जाती है...कविता-

भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन बसंत ऋतु के बारे में कविता सुना रहे हैं:
धरती एक बार फिर से देखो मुस्कुराती है-
हम सबको रहता है जिसका इंतजार-
वह बसंत ऋतु आ जाती है-
बसंत पंचमी के दिन-
जिस दिन सरस्वती पूजा जाती है-
समझो उसी दिन से धरती पर बसंत ऋतु आ जाती है...(AR)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: POEM

वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...

ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA

सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया...भक्ति गीत-

प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) से अभिषेक कुमार एकभक्ति गीत सुना रहे हैं:
सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया-
एक तो तेरे आंख तिरछी-
दूसरी काजल लगा-
तीसरा यूं नैने चुरा न-
दिल दीवाना हो गया-
सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया...(AR)

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: BHAKTI SONG

« View Newer Reports

View Older Reports »