एक जुट हुए आदिवासी, बोल रहे आदिवासी...विश्व आदिवासी दिवस पर गीत
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सुनील कुमार मुजफ्फरपुर(बिहार) से गीत सुना रहे हैं साथ ही देश और दुनिया के सभी आदिवासी भाई बहनों को शुभकामना दे रहे है :
एक जुट हुए आदिवासी,बोल रहे आदिवासी-
बैगा आदिवासी, गोंड आदिवासी-
कोराकू आदिवासी, मुंडा आदिवासी-
मारिया आदिवासी, संथाली आदिवासी-
सभ्यता संस्कृति को बचाये आदिवासी-
नाचे गाये बजाये सब में आगे हैं आदिवासी-
देश की शान हैं आदिवासी-
देश की प्राण है आदिवासी-
भाषा हैं अलग अलग पर...हो हो हो
मूल है निवासी...
Posted on: Aug 09, 2016. Tags: SUNIL KUMAR
जी एस टी के जान ल हो भईया...जी एस टी पर जागरूकता गीत
जी एस टी ( वस्तु एवं सेवा कर विधेयक) से आर्थिक असमानता बढ़ने के आसार हैं एवं इससे विकास दर बढ़ने का भी कोई स्पष्ट आधार नहीं हैं ऐसा कह रहे हैं सुनील कुमार मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से और जीएसटी पर जन जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
जी एस टी के जान ल हो भईया-
कब तक रहब नासमझ हो-
तूहो पढ़ ल, तू समझ ल-
जनविरोधी कानून लाएल बा इहो सरकार-
तूहो पढ़ ल...
दुनिया में एकर खराब अनुभव बा-
दिहे सबके गरिबी हो, तूहो पढ़ ल-
पहिले करिहे झूठ-मूठ के वादा-
धीरे-धीरे दर के बढ़ईहे हो-
ईहो सरकरवा कारपोरेट के दललवा-
पूंजीपति के टैक्स घटईहे हो-
ईहो सरकरवा कारपोरेट के दललवा-
गरीबवन के टैक्स बढ़ईहे हो-
महंगाई डायन के बुलावत बा सरकरवा-
सब समनवा के दाम के बढ़ईहे हो...
Posted on: Aug 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
प्रेमचंद जन्मदिन उत्सव से गीत: ये फैसले का वक्त है तू आ कदम मिला...
सुनील कुमार मुजफ्फरपुर बिहार से प्रेमचंद जन्म उत्सव मना रहे कुछ साथियों से एक गीत सुनवा रहे हैं:
ये फैसले का वक्त है तू आ कदम मिला-
ये इम्तिहान सत्य है तू आ कदम मिला-
आसमां से से भोर के सूरज निकल रहे-
आसमां में लाल फरेरे मचल रहे-
मुक्ति कारवां से कारवां मिल रहे-
तू बोल किसके साथ है तू आ जरा बता-
ये फैसले का वक्त है तू कदम मिला...
Posted on: Jul 31, 2016. Tags: Sunil Kumar
पहले इज्जत करो मानव की, फिर उपदेश देना...कविता
दलितों पर अत्याचार हो रहा है महिलाओं को अपशब्द कहा जा रहा है, इसके विरोध में सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक कविता सुना रहे है :
पहले इज्जत करो मानव की, फिर उपदेश देना – स्त्री को वेश्या कहने और माँ बहनों को गाली देने-
लज्जा नहीं लगती तुमकों अब तक, खून करते हो इंसानियत की-
जीत हो या हार किसी की, साथ दो सच्चे व्यक्ति की, शेर से ना अब डरने की-
इंसाफ मिली हैं सभी लोगों को, जरूरत है आगें बढ़ने की, जरूरत हैं आगे बढ़ने की...
Posted on: Jul 24, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
भारत देशवा में अईले एड्स बिमरिया...एड्स जागरूकता गीत
मालीघाट कंचननगर (बिहार) से स्वास्थ्य कार्यकर्ता किरण कुमारी एड्स रोग के सम्बन्ध में जागरुकता गीत सुना रहीं हैं:
भारत देशवा में अईले एड्स बिमरिया-
सब लोग गईल घबराईल हो – चार गो कारण भईया याद तु हूं रखिहा-
पहिला कारन भईया तू हुं याद रखिहा – बिना कंडोम भईया कभी सम्बन्ध न बनईहा-
दूसरा कारन भईया याद तू हूँ रखिहा-
संक्रमित खून तू कभी न चढ़ईहा-
तीसरा कारन भईया याद तू हूँ रखिहा-
संक्रमित निडिल कभी न लगईहा-
भारत देशवा में अईले एड्स बिमरियां...
