जी एस टी के जान ल हो भईया...जी एस टी पर जागरूकता गीत
जी एस टी ( वस्तु एवं सेवा कर विधेयक) से आर्थिक असमानता बढ़ने के आसार हैं एवं इससे विकास दर बढ़ने का भी कोई स्पष्ट आधार नहीं हैं ऐसा कह रहे हैं सुनील कुमार मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से और जीएसटी पर जन जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
जी एस टी के जान ल हो भईया-
कब तक रहब नासमझ हो-
तूहो पढ़ ल, तू समझ ल-
जनविरोधी कानून लाएल बा इहो सरकार-
तूहो पढ़ ल...
दुनिया में एकर खराब अनुभव बा-
दिहे सबके गरिबी हो, तूहो पढ़ ल-
पहिले करिहे झूठ-मूठ के वादा-
धीरे-धीरे दर के बढ़ईहे हो-
ईहो सरकरवा कारपोरेट के दललवा-
पूंजीपति के टैक्स घटईहे हो-
ईहो सरकरवा कारपोरेट के दललवा-
गरीबवन के टैक्स बढ़ईहे हो-
महंगाई डायन के बुलावत बा सरकरवा-
सब समनवा के दाम के बढ़ईहे हो...
