आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा...आरक्षण पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के. एम.भाई मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर छिड़ी बहस के संदर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं :
आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा-
जाति बदले या ना बदले, क्रांति रंग लाए या ना लाए-
पर आरक्षण का फूल जरूर खिलेगा-
फलेगा-फूलेगा और बिकेगा, हर बाजार हर कारोबार में-
रोटी मिले या ना मिले, गरीबी मिटे या ना मिटे-
पर आरक्षण का तेल मुक्त मिलेगा, हर काल और हर दौर में-
भुखमरी के हालात बदले या ना बदले-
विकास का पहिया चले या ना चले-
पर आरक्षण की गाडी जरूर दौड़ेगी, हर गली हर नुक्कड़ पे-
अम्बेडकर तू याद आए या ना आए-
लोकतंत्र बचे या ना बचे
पर आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा...
Posted on: Sep 17, 2016. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
शिक्षक दिवस बार-बार मनाएंगे...शिक्षक दिवस पर कविता
जिला-कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई शिक्षक दिवस के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
शिक्षा के गीत गुनगुनायेंगे-
आज़ाद पंक्षी बन झूमे और गायेंगे-
लहरों से मिल बहते जायेंगे-
खुला आसमां और खुली हवा-
न रंज होगा न कोई शिकवा-
हर आंगन में फूल खिलेगा-
जब साकार होगा हर एक सपना-
न हिन्दू न मुस्लिम-
न सिख न इसाई-
कुछ ऐसा होगा कारवां-
न राम न रहीम-
न संत न कबीर-
राजा होगा अपना फ़कीर-
एक ही आवाज और-
एक ही पहचान-
सारा जग होगा एक समान-
जब होगा अपना शिक्षक महान – मिलकर सब-
झूमेंगे, नाचेंगे,गायेंगे-
शिक्षक दिवस बार बार मनाएंगे-
शिक्षक दिवस बार बार मनाएंगे ...
Posted on: Sep 05, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
Some in local police and lawyers helping ignore court order, Please help...
KM bhai is calling from Kanpur Uttar Pradesh to report that in Nawabganj area there one Gaurav Dwivedi has captured house of Ajay Yadav to run a coaching class. Court has given eviction order but with help from some lawyers and police Mr Dwivedi is not vacating the house ignoring court order. You are requested to call SSP@7052681681, IG@9454400142 Collector@9454417554 Nawabganj police officer@9454403742 to help suffering family. KM@9838775508
Posted on: Aug 31, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
मेरी भी ईद, तेरी भी ईद...ईद पर कविता
के.एम. भाई कानपुर, उत्तरप्रदेश से ईद के पर्व पर एक कविता सुना रहे है:
मेरी भी ईद, तेरी भी ईद-
तेरे घर की सिवयीं मेरी खीर-
सरबत का रंग तेरा मेरा नीर-
मेरी अज़ान पे हो तेरी नमाज़-
तेरी दुआ पे हो मेरा आगाज़-
मै कलमा पढू तू करे इफ़्तिआर-
तेरे हाथ चूमने से मेरा हो एतबार-
ख़ुशी का समां कुछ ऐसा हो-
मेरे सुर पे हो तेरी ताल-
मै भी रहू खुश और-
तू भी रहे खुशहाल-
कुछ ऐसा हो-
ईद का हो प्यार-
ईद का हो प्यार ...
Posted on: Jul 07, 2016. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
लोकतंत्र की दीवारों से रिसता न्याय...अम्बेडकर जयंती पर कविता
कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई भीमराव अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं :
नग्न होता न्याय
लोकतंत्र की दीवारों-
से रिसता न्याय-
काले काले बादलों-
बिच घिरता न्याय-
बूढ़ी आंखों से-
ओझल होता न्याय-
कभी मौत और कभी-
ख़्वाब बनता न्याय-
ढलते सूरज बिच-
अंधियारा सा लगता न्याय-
सत्य की आड़ में-
लूट की भेट चढ़ता न्याय-
धर्म की आग में-
जलती लाश बनता न्याय-
संसद की चौखट पे-
शोषण का रूप बनता न्याय-
उम्मीद के कठघरे में-
नग्न होता न्याय-
नग्न होता न्याय...
