सुंदर बेला कति मन भाई...गीत-
जिला-राजनांदगांव (छतीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
नटखट यामिनी आई-
सुंदर बेला कति मन भाई-
लोग देते बधाई-
मात पिता और दादा दादी-
हो गयी हरीभरी जीवन वादी-
घर घर बाज बधाई...(AR)
Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा...गीत-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक गीत सुना रहे है :
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
शहरों पर की निगाह पर हा ग्रामीणों का प्यारा-
इन्सान हो बराबर कोई नीच न कहाए-
ये जन करके तुन्हें हर जन वचन उचारा-
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
ग्रामो की उन्नति हो उद्योघ ग्रामो का हो-
सबके लिए ही तूने अभिमान देश क हो ...(184433)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: CG HINDI SONG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...देश भक्ति कविता-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्धर्व कविता सुना रहे है:
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश-
भाईचारे का यन्त्र रहे सदा हमारा देश-
लेना सीखे कम और देना सीखे ज्यादा-
दुनिया को सिखाए शिष्टता सभ्यता और मर्यादा-
मोहब्बत का मंत्र रहे सदा हमारा देश-
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...(184324)
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें...कहानी
राजनन्दगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कहानी सुना रहे हैं-
एक बार गुरु नानक जी अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे, तो एक गाँव में रुके गाँव वालों ने उनका बड़ा अपमान किया, तो गुरु नानक जी ने कहा मिल के रहो| और दुसरे गाँव गये वहां उनका बड़ा सम्मान हुआ, तो गुरु नानक जी ने कहा बिखर जाओ| शिष्यों ने पूछा तो नानक जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया| कोई भी गंदा वस्तु फैलना नही चाहिए| इसलिए इकट्ठा रहने को बोला| अच्छे लोगों का फैलाव होना चाहिए, जिससे अपने साथ ओरों को भी ज्ञान दे सके| खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें| (181995) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
कवि कालीदास की कहानी...
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कालीदास की कहानी सुना रहे हैं, कालीदास महामूर्ख थे, उनका विवाह एक विद्वान स्त्री से हुआ है, वे अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करते थे, उनकी पत्नी ने उसे समझाया और ऐसे कटु शब्द कहे जिससे कालीदास बदल गये और आगे चलकर महान कवि बने, यदि आज के समय हम भी अपनी कमी को पहचान कर सुधार लें तो जीवन में आगे बढ़ सकते हैं| (AR)
