किनी बीमारी को बचने से, मेरे पास एक उपाय है...गीत-
ग्राम-छिपिया, पोस्ट-कोटा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक गीत सुना रही हैं:
किनी बीमारी को बचने से-
मेरे पास एक उपाय है-
घर में रहो भईया सभी परिवार राहों-
शासन का फैसला बढ़कर-
इस दुनिया में कोई है-
फ्री दवाई का हॉस्पिटल खुले-
उसमे मेरी जान बचे...
Posted on: Mar 27, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA DEVI VICTIMS REGISTER
आ रही है संविधान की सवारी...गीत-
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक गीत सुना रही हैं:
आ रही है संविधान की सवारी-
नौ किरण का रथ सजे हैं-
काली कुटुम पत्थर सजे बादल की अनमानिया-
चारो तरफ से रोशनी है संविधान की ये भीडी हुई-
सवारी या रहने या बंधू है चरण नये नमन नवा-
आ रही है संविधान की सवारी...
Posted on: Mar 27, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA DEVI VICTIMS REGISTER
जा रही है संविधान की सवारी...संगठन गीत
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
जा रही है संविधान की सवारी-
किरन को आकर समेटें-
बादल को रंगे देके-
मन उसका भारी-भारी-
वीर ये सारा घर को लौटे-
किरण भी ये आंचल समेटें-
लाल रंग के रथ में बैठे-
चल पड़ी है संविधान की सवारी-
तारो की आती बारात-
चांदनी खिलखिलाती-
चाँद को प्रकाश देकर-
संविधान अपने हांथ लेकर-
जा रही है संविधान की सवारी-
किरण को आ कर समेटें...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA VICTIMS REGISTER
संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें...संगठन गीत
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
आ गई है गरीबी हमपे, अधिकार जानने का मौका नहीं है-
संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें-
संविधाने पढ़ेगें अधिकारे बनायेगें-
आगे बढ़कर अधिकारों को पाना है-
संगठन में बहुते शक्ति है-
संविधान बनायेगें, संविधान बनायेगें-
आ गई है गरीबी हमपे अधिकार जानने का मौका नहीं है...
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: MP SONG SUKNYA REWA VICTIMS REGISTER
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर...बन्नी गीत-
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये-
मम्मी ऐसे वर ढूढ़ों रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने चाचा से अर्जी करये-
चाची अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने भईया से अर्जी करये-
भाभी अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये...
