निया विनती कियातोरोम हजारों पेन बाबा रो...गोंडी देवी गीत
ग्राम-चाहचड, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गणेश्वरी दुग्गा और मनीषा दुग्गा एक गोंडी में गीत सुना रहे है इस गीत को देवी देवताओं को प्रणाम करते समय में गाया जाता है:
निया विनती कियातोरोम हजारों पेन बाबा रो-
निया विनती कियातोरोम जिम्मेदारी याया रो-
निया आरती कियातोरोम जगा रीती याया न-
निया आरती कियातोरोम कली काकली याया न-
निया आरती कियातोरोम जगों रायता याया न-
निया विनती कियातोरोम हजारों पेन बाबा रो...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG GANDESHWARI DUGGA GONDI KANKER MANISHA DUGGA RELIGION SONG
हम लोगों ने चिड़िया जैसे उड़ते हेलीकॉप्टर को तो देखा है पर कभी ट्रेन नहीं देखा है (गोंडी भाषा में)...
आज के आधुनिक युग में कई यातायात के साधन है लेकिन मेकावाही गाँव की महिलाओं ने हेलीकाप्टर को उड़ते हुए तो देखा है लेकिन ट्रेन नहीं देखा है। मोहन यादव आज सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथ ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) पहुंचे हैं वहां की महिलाएं सीताबाई, हिन्दूबाई और पन्नोबाई गोंडी में उनको बता रही है कि वे लोग आज तक कभी ट्रेन नहीं देखे है न ही बैठे है कैसा रहता है वो भी उनको मालूम नहीं है वे लोग बस, कमांडर और ऑटो में सिर्फ बैठे है | आज के आधुनिक युग में कई यातायात के साधन है लेकिन मेकावाही गाँव की महिलाये बता रही है कि नजदीक से न तो हेलीकाप्टर को देखे है न ही ट्रेन को देखे है
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG CHANNOBAI GONDI HINDUBAI KANKER KOELIBEDA SEETABAI
Today's News from newspapers in Gondi: 4th September 2018 -
आदिवासी बहुल इलाकों में दस हजार एकल स्कूलों के संचालन की जरूरत-
दैनिक भास्कर-
आदिवासियों का हक कोई छीन नहीं सकता- दैनिक भास्कर-
जय आदिवासी केंद्रीय परिषद का गठन, मोती बने अध्यक्ष- दैनिक भास्कर-
आदिवासियों के बच्चों को पहले गोंडी में बातचीत कर पढ़ना सिखाया, फिर दिखा दी स्कूल की राह– दैनिक भास्कर-
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: DINESH WATTI GONDI NEWS
पोसे कीले टीराल तिनताये टीनोये...गोंडी गीत
ग्राम-मेहेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीला उसेंडी गोंडी भाषा में एक गीत सुना रही हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे ला रे रेला-
पोसे कीले टीराल तिनताये टीनोये-
दादान बाटा अगे वाता मनताये मनो-
तमोन बाटा कोड़ायार वाता मनताये मनोये-
तमोन बाटा कोड़ायार वाता अंग्रेजी वडाकायता-
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लो रे रे ला-
ओरा बोरा मरमा येलो मरमा रोय येलो...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG GONDI KANKER NEELA USENDI SONG
पहले हम लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे लेकिन अब सरकारी खाद का उपयोग करते है (गोंडी)...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां अमर मरावी गाँव के किसान पांडूराम कतलामी से वहां की धान की खेती के बारे में गोंडी भाषा में बात कर रहे है कि धान को कैसे लगाते है और कौन सा खाद का उपयोग करते है और कौन सा खाद का उपयोग नहीं करते है वे बता रहे है कि पहले के ज़माने में हम लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे और उससे धान भी अच्छा होता था लेकिन अब सब लोग सरकारी या रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे है तब से हम लोग भी रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे है लेकिन यह नुकसानदायक है |पहले लोग 80-90 के उम्र में भी तंदरुस्त होते थे पर अब 60-70 में ही मृत्यु हो जाती है
