जीवन ज्योति देवे धोबी होले...गीत-

धौलपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से अनिषा तिग्गा गीत सुना रही है|
जीवन ज्योति देवे धोबी होले-
डहर कोनो दिन रातो वे होले-
मोर जीवन बाती मे नीची होले-
दुनिया अन्दर दिशी होले-
जीवन रूपी में दोबी ओले-
प्रभु मोके न जून जुड़ा बे-
कई हो मोके न भुला बे...(GM)

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: ANISHA TIGGA CG HINDI SONG SARGUJA

पीडितो का रजिस्टर : सलवा जुडुम से अपना गांव छोड़कर ईस्ट गोदावरी में आकर रह रहे हैं...

ग्राम पंचायत-नेमलीपेटा, जिला-ईस्ट गोदावरी (आंध्रप्रदेश) से राजशेखर बता रहे हैं कि सलवा जुडूम के कारण 2005 में ग्राम पंचायत-गोरका ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा छत्तीसगढ़ से अपना गांव छोड़कर ईस्ट गोदावरी में आकर रह रहे हैं| उनके गाँव में 15 एकड़ जमीन है जिस पर कुछ लोगों ने कब्ज़ा कर लिया है| अधिक जानकारी के लिए संपर्क@8790353509.

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: AP GODAWARI RAJSHEKHAR VICTIM REGISTER

एक दिन नदी के तिरे साथ रहली धीरे-धीरे...गीत-

जिला-गाजीपुर, उत्तरप्रदेश से सनोज यादव एक गीत सुना रहे हैं:
एक दिन नदी के तिरे साथ रहली धीरे-धीरे-
हम आंखी में देखली सुन्दर शरिया आगियाँ-
सुन्दर शरिया आगियाँ में जाए रहली वो-
एक दिन नदी के तिरे साथ रहली धीरे-धीरे...(185177) GT

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: GAJIPUR HINDI SONG SANOJ YADAV UP

वनांचल स्वर: मंदिरों का महत्व और आस्था स्थल जो जंगल पहाड़ो पर है...

ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जो वनों पर शोध करते हैं, हमारे पूर्वजो ने हमें जो भी सिखाया है हम उसी को बढ़ाना और बचाना चाहते हैं। आस्था स्थल जो पहाड़ो पर है वो चमत्कारी है, रहस्यमयी है। तंत्र मंत्र और मंदिर के आधार पर मानते हैं। शोनादायी में एक गुफा है उसमें पानी अभी भी रहता है। दंतकथाएं प्रसिद्ध हैं, शोणखामिन माता का मंदिर है जो जल,वन और पर्वत से संबंध रखती हैं, अभी वहां माघी मेला लगा था। और भी कई मंदिर है पहाड़ो पर माता के प्राचीन समय पर राजाओं कि जब भी लड़ाई होती थी तो पूजा होती थी। पेड़ो पर जो मंदिर है उसमें महुआ का भी पेड़ है जिसमे से दूध निकलता है जिसको माता का दूध भी मानते हैं, इसलिए इसकी महत्वता अधिक है। महुआ का फूल सूखने के बाद भी नही सड़ता। महुआ बहुत ही उपयोगी है। बस्तर में इसी वजह से इनका बहुत महत्त्व है। (185825) GT

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER SHERSINH ACHALA VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई...

ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से वीर सिंह बता रहे हैं कि उन्होंने पिछले 40 सालों से जंगल को बढ़ते घटते देखा है। जंगल में जो पशु-पक्षी थे वे पूरे विलुप्त हो गए हैं। 2006 में केंद्र सरकार वन अधिकार कानून लाई थी, जिसका जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई। बढ़ती आबादी के कारण जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई। गांव के लोगों भी जल-जंगल को ध्यान नही दे रहे हैं। शायद वह सोच रहे हैं कि आगे चल कर पेड़ों की ज़रूरत नहीं रहेगी। आदिवासी समाज जंगल का दोहन बाकी लोगों से कम करता है। अब उनका प्रयास है की जंगल बचना चाहिए। (185685) GT

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH

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