डरा सहमा सा बैठा है एक नन्हा सा पक्षी...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
डरा सहमा सा बैठा है एक नन्हा सा पक्षी-
अपने पंखो को दबाये अपने घोसले में-
माँ उसकी आकार की कहती है उड़ने की कला-
पर वह डरा डरा सा विश्वाश नही है पंखो पर-
देती है माँ होसला उसे की कोशिश तो कर-
फिर वह नन्हा पक्षी बढ़ाता है एक कदम फिर डर जाता है...(AR)

Posted on: May 31, 2021. Tags: BARWANI MP POEM SURESH KUMAR

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