इतनी शक्ति हमें देना दाता... प्रार्थना गीत-
(उतरप्रदेश) से सुजीत प्रार्थना गीत सुना रही हैं:
इतनी शक्ति हमें देना दाता-
मन का विश्वास कमजोर होना-
दूर अज्ञान की हो अँधेरे-
तू हमे ज्ञान की रौशनी दे-
हर बुराई से बच के रहें हम...(MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: PRARTHNA SONG UP
एक घर में पांच दिये जल रहे थे, कहानी...
स्वप्न जोशी जिला-झांशी, (उत्तरप्रदेश) से कहानी सुना रहें है,कहानी का नाम है, दिया-
एक घर में पांच दिये जल जल रहे थे, एक दिन पहले दिये ने कहा इतना जलकर भी मेरी रोशनी की इन लोगों को कोई कद्र नहीं, इतना कहकर बहतर यही होगा का मै बुझ जाऊ विभव खुद को घर्क समझकर भुझ गया, जानते है वो दिया कौन था वो दिया था उत्साह का प्रतिक दूसरा दिया था शांति का प्रतिक उसने कहा मुझे भिओ भुझ जाना चाहिए निरंतर शांति के प्रतिक रोशनी देने के वाबजूद भी लोग हिंसा कर रहें है, और इतना कहकर शांति का दिया भुझ गया | शांति के दिया के भुझने के बाद जो तीसरा दिया हिम्मत का था, वो भी अपनी हिम्मत खो बैठा उत्साह शांति अब और हिम्मत के न रहने पर चौथे दिये ने भुझना ही उचित समझा| चौथा दिया समृधि का प्रतिक था सभी दिए भुझने के बाद केवल पांचवा दिये अकेला ही जल रहा था हल्का के पांचवा दिया सबसे छोटा था मगर फिर भी वह निरंतर जल रह था, तब उस घर में एक लड़के ने परवेश किया | उसने देखा कि उस घर में सिर्फ एक ही दिया जल रहा है, e देख ओ खुशी से झूम उठा, चार दिया भुझने के वजह ओ दुखी नहीं हुआ बल्कि ये सोचकर के खुश हुआ, कम से कम एक दिया तो जल रहा है उसने तुरंत पाचवा दिया उठाया और फिर से ओ चारों दिया जला दया जानते है ओ पांचवा अनोखा कौन था, वो था उम्मीद का दिया इसलिए अपने घर में अपने मन हमेशा उम्मीद का दिया जलाये रखना चाहिए लेकिन सब दिया भुझ जाये उम्मीद का दिया कभी नहीं भुझना चाहिए क्योकि एक ही दिया काफी सभी दिये को जलाने लिये | (MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: JANSHI JOSHI STORY UP
हे शारदे माँ...गीत-
ग्राम-ददरी, जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से मोहन सिंह राठौर एक गीत सुना रहे हैं:
हे शारदे माँ-
अज्ञानता से हमें तार दे माँ-
तू स्वर की देवी संगीत तुझसे-
हम है अकेले हम है अधूरे-
तेरी शरण में हमें तार दे माँ... (AR)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: MOHAN SINGH RATHOUR MP SONG UMARIA
वनांचल स्वर: भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं...
ग्राम- बाँगाचार, ब्लॉक-दुर्गकोन्दल, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से हलबा जनजाति के सक्रिय सदस्य और पेशे से शिक्षक, भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं। उनके जीवन में प्रकृतिक, पूजा पाठ और विवाह की दृष्टि से महुआ का काफी महत्व है। महुआ का फूल फरवरी से अप्रेल के बीच में गिरता है। महुआ को बेचकर यह लोग अपना घर चलाते हैं। (MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG HALBA JANJATI KANKER VANANCHAL SWARA
जीना हो तो पापा शराब मत पीना...गीत-
जिला-रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चंद्राकर गीत सुना रहे है|
जीना हो तो पापा शराब मत पीना-
कहते है लोग टेड़े कहते है लोग टेड़े-
बाप है कमीना-
जीना है तो पापा शराब मत पीना-
उसी चार पैसे मै पड़ाऊँगा-
भाई बहन को भी आगे बड़ाऊँगा...(MS)
