ओ या याय दे, ह यारा दे, श्याबे कोदेता याबयेता पाद...धुरवा गीत-

ग्राम-कामानार, ब्लाक-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से सुकमती और गुटकी धुरवा समुदाय का एक गीत सुना रहे हैं| वे इस गीत को शादी के अवसर पर गाते हैं |
ओ या याय दे-
ह यारा दे, श्याबे कोदेता याबयेता पाद-
केदेता ले केडा इकते पेडें नाता को गिया-
ती रात मेड़ो-
ह यारा दे, श्याबे कोदेता याबयेता पाद-
केदेता ले केडा इकते पेडें नाता को गिया...

Posted on: Apr 15, 2019. Tags: BHAN SAHU CG DARBHA JAGDALPUR SONG

मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है...कविता-

ग्राम-ककनार, ब्लाक-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भान साहू बच्चो के साथ कविता सुना रही हैं :
मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है-
हाथ लगाओ डर जाती है, बाहर निकालो मर जाती है-
अगर कगर चम्पा, बीच में लगी घंटा-
नौ साल की नदी में बारा मिटठू बैठे थे-
एक मिठू कच्चा, हिरन का बच्चा-
हिरन गया पानी पीने, बकरी उसकी नानी है...

Posted on: Apr 08, 2019. Tags: BHAN SAHU CG DARBHA JAGDALPUR POEM SONG VICTIMS REGISTER

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम...गीत-

ग्राम पंचायत-ककरार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रोशनी और सोनिया एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम-
नेकी पर चले, और बदी से टले-
ताकी हसते हुये निकले दम-
ये अंधेरा घना छा रहा, तेरा इंसान घबरा रहा-
हो रहा बेख़बर, कुछ ना आता नज़र-
सुख का सूरज छुपा जा रहा...

Posted on: Apr 03, 2019. Tags: CG DARBHA KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

जाति बाती पेको रेलो रो, जाति बाती पेको रेलो ले...गोंडी गीत-

ग्राम पंचायत और तहसील-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से शनि उसेंडी एक गोंडी गीत सुना रही हैं :
रे रे लोयो रेला रे रेला, रे रे लोयो रेला रे रेला-
जाति बाती पेको रेलो रो, जाति बाती पेको रेलो ले-
गुटात पुंगर केमा जलयारो, साय सिलेदार साय देलो साय-
ये जाति कुंवार पेको रेलो रो, जाति कुंवार पेको रेलो रो-
गुटात पुंगर केमा जलयारो, साय सिलेदार साय बेलो साय...

Posted on: Sep 26, 2018. Tags: BASTAR CG DARBHA GONDI RADHA KACHALAM SONG

वनांचल स्वर : वनों से जड़ी बूटी और कई तरह उपयोगी चीजें प्राप्त होती है जैसे भाजी, लकड़ी, बांस...

ग्राम पंचायत-दरभा, जिला-दक्षिण बस्तर (छत्तीसगढ़) से जीजवती, राधा मंडावी और गीता मंडावी सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के अमर मरावी को बता रही हैं, उन्हें वनों से अपने उपयोग के लिए पान, दातून, लकड़ी, बांस के अलावा खाने के लिए सब्जी, मसरूम पूटू अदि मिलती है, जड़ी बूटी भी प्राप्त होती है, लेकिन उन्हें इस संबंध में ज्यादा जानकारी नही है क्योंकि वे अभी छोटे हैं, वनों से वे खाने के लिए कई प्रकार की भाजी भी प्राप्त करते हैं, जिसमे कोलियरी भाजी, केना भाजी जैसी सब्जियां शामिल है, वे कह रही हैं कि वनों का संरक्षण करना चाहिए, आदिवासियों का जीवन वनो पर ही निर्भर है, वन वर्षा के लिए आवश्यक है, इनसे वातावरण स्वच्छ रहता है |

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: AMAR MARAVI BASTAR CG DARBHA SONG SWARA VANANCHAL VICTIMS REGISTER

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