मेरा रंग दे बसंती चोला...गीत-
ग्राम-बाखरा, ब्लाक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से चमकईया साय एक गीत सुना रही हैं:
मेरा रंग दे बसंती चोला, मेरा रंग दे बसंती चोल-
दम निकले इस देश की खातिर, बस इतना अरमान है-
एक बार इस राह में मरना, सौ जन्मों के समान है-
देख के वीरों की क़ुरबानी, अपना दिल भी बोला-
जिस चोले को पहन शिवाजी, खेले अपनी जान पे-
जिसे पहन झाँसी की रानी, मिट गई अपनी आन पे...
Posted on: Feb 09, 2020. Tags: CG KONDAGAON SAITE DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
वार्ड में पानी की समस्या है हैण्डपंप लगवाने में मदद करें...
ग्राम-बाखरा, ब्लाक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से समलू राम पोयामी और दासू राम पोयामी बता रहे हैं उनके वार्ड क्रमांक 1 में पानी की समस्या है, उनको दुसरे के घर से पानी लाना पड़ता है जो व्यक्तिगत बोर है, यदि देने वाले पानी के लिये मना कर दे तो उन्हें दूर जाना पड़ता है, उनका कहना है वार्ड में हैण्डपंप होना चाहिये जिससे लोगो को पानी की सुविधा हो सके, इस संबंध में वे अधिकारियों के पास आवेदन देते हैं लेकिन काम नहीं होता है लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं वार्ड में 200 की संख्या है, निवासी सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर पानी की समस्या को हल कराने में मदद करें: सचिव@9826834489, कलेक्टर@9399394695. संपर्क नंबर@6261279344.
Posted on: Feb 09, 2020. Tags: BABULAL NETI CG KONDAGAON PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
गाँव का नाम भाखरा कैसे पड़ा...कहानी-
ग्राम-बाखरा, ब्लाक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से दुग्गा सुराम बंसोर बता रहे हैं उनका पहले जंगल में था, तब लोग झोपड़ी बनाकर रहते थे, उसके अलावा पेड़ो के खोखले में रहते थे, वही पेड़ो पर सामान रखते थे, एसी चलते चलते समस्या के साथ जगह का नाम भाखरा रखा गया यह हल्बी भाषा का शब्द है, बाद में यह चलन में आया और अब उस जगह को उसी नाम से जाना जाता है|
Posted on: Feb 09, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT KONDAGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER
यह भारत वर्ष हमारा है हमको प्राणों से प्यारा है...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं:
यह भारत वर्ष हमारा है हमको प्राणों से प्यारा है-
है यहाँ हिमालय खड़ा हुआ शंकर शरिखा खड़ा हुआ-
जय हिन्द हमारा नारा है यह भारत वर्ष हमारा है-
जनमे थे यहीं राम सीता गूंजी थी यहीं मधुर गीता-
यमुना का शाम किनारा है यह भारत वर्ष हमारा है-
है मनोहर डोल रही वन में है कोयल बोल रही-
बहती सुगंध की धारा है यह भारत वर्ष हमारा है...
Posted on: Feb 09, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
स्वास्थ्य स्वर : टांसिल के बढ़ने पर घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी टांसिल के बढ़ने पर घरेलू उपचार बता रहे हैं, सफेद नमक 50 ग्राम, हल्दी 50 ग्राम, बाईबिडिंग 50 ग्राम लें, तीनों को पीसकर अलग-अलग सुरक्षित रख लें, 1 गिलास गुनगुने पानी में तीनों को आधा-आधा चम्मच घोलें, और सुबह ब्रस करने के बाद उससे गरारा करें, रात को सोने से पहले प्रयोग करें, लगातार एक सप्ताह तक प्रयोग करने से लाभ मिल सकता है, ठण्डी चीजों से बचे, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें, शक़्कर, नमक का प्रयोग कम करें, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
