गाँव में लोग खेती पर आश्रित है खेती जीवन यापन का साधन है...
ग्राम-पांडेआठ गांव, ब्लाक-फरसगांव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से बसिराम मरकाम बता रहे हैं उनके गाँव में मक्का, धान और सब्जी की खेती करते हैं, पानी के लिये नदी का उपयोग करते हैं, गर्मी के दिनों में दिक्कत होती है, बसिरम बता रहे है उनके पास साधन है जिसका उपयोग कर वे सब्जी की खेती करते हैं और उसी से अपना जीवन यापन करते हैं, मक्का के लिये वे बाजार से बीज खरीदते हैं, राशयानिक खेती करते हैं, इस तरह से गाँव में अधिकतर रोजगार का साधन खेती है| यदि पानी की व्यवस्था में अच्छी हो तो वे गर्मी में भी अच्छे से सब्जी की खेती कर सकते हैं : कमलेश मरकाम@6260381466.
Posted on: Feb 10, 2020. Tags: BABULAL NETI CG KONDAGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER
मौसम है अलबेला सबका दिल है खुला...गीत-
ग्राम-जुगानी कलार, ब्लाक-फरसगांव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से अमृता, कचरी मरकाम और चंद्रवती मरकाम एक गीत सुना रही हैं:
मौसम है अलबेला सबका दिल है खुला-
शाम की पहर ये सुहानी-
कहती है दिल जुबानी-
ह हा हो हो सु स्वागतम-
ये दिन आया न आता-
हरपाल सा सताता हो हो... संपर्क नंबर@7999811508
Posted on: Feb 10, 2020. Tags: CG KONDAGAON MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER
गोटयाय न रता पाडला रो निरोसा-
ग्राम-बागबेडा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से जगनी, बुधनी, महरी, मुगली, सुखमती एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रे लो रे रेला रिलाय-
रेला राटा पाडला रे-
निरोसाम बाई-
गोटयाय न रता पाडला रो निरोसा...
Posted on: Feb 10, 2020. Tags: CG GONDI NARAYANPUR SONG SUKHDAI KACHLAM
शांति नहीं तक तक...कविता-
ग्राम पंचायत-बाखरा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से चंपा यादव एक कविता सुना रहे हैं :
शांति नहीं तक तक-
जब तक सुख बाधन सबका श्रम हो-
नहीं किसी को बहुत अधिक हो-
नहीं किसी को कम हो-
सोपान मांगने से न मिले-
सबात्म माफ़ हो जाये...
Posted on: Feb 10, 2020. Tags: CG CHAMPA YADAV KONDAGAON POEM SONG VICTIMS REGISTER
संत रविदास पर संदेश...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व संत रवि दास की जीवन के बारे जानकारी दे रहे हैं, संत रविदास का जन्म दिन माघ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है रवि दास वे महान पुरुष थे जिन्होंने धन को महत्व नहीं दिया, उन्होंने दीनता और दरिद्रता में रहना स्वीकार किया| ज्ञान को महत्व दिया, समाज को तोड़ने वाले जाती पाति के बंधनों को तोड़ने का प्रयास किया धन को महत्व न देकर ज्ञान को महत्व दिया, क्यों कि धन ख़त हो सकता है लेकिन ज्ञान नहीं|
