जब जानकारी हो आसान तो क्यों रहे परेशान...एड्स की जांच सरकारी अस्पतालों में मुफ्त की जाती है...
कई मेडिकल कालेज एवं अस्पतालों में परामर्श केंद्र होते है जिनमे एड्स से सम्बंधित परामर्श एवं जांच की सुविधा दी जाती है जांच के उपरांत एच आई वी संक्रमित गर्भवती महिलाओं को ए आर व्ही द्वारा आजीवन मुक्ति दी जाती है एवं नवजात शिशुओ को लीवर पिल सिरप पिलाया जाता है ताकि माता से शिशु में एच आई व्ही संक्रमण न हो । एच आई व्ही संक्रमित महिलाओ के शिशुओ में संक्रमण की संभावना रहती है जन्म से 6 सप्ताह के भीतर निःशुल्क जांच के द्वारा एच आई व्ही संक्रमण का पता किया जाता है जागरूकता हेतु कार्यक्रम एवं निःशुल्क कंडोम वितरण किया जाता है सभी एड्स सम्बन्धी परामर्श एवं जानकारी हेतु संपर्क करे टोल फ्री@8097। सुनील कुमार@8889761684
Posted on: Dec 08, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
एहन सुन्दर देवघर धाम,बाबा बैसल छथि एहिठाम...मैथिली भक्ति गीत
मैथिली भाषा में बैधनाथधाम पर भक्ति गीत सुना रहे हैं, सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार ) से:
एहन सुन्दर देवघर धाम,बाबा बैसल छथि एहिठाम-
सन्मुख पार्वती विराजथि एहि नगरिया में, देवघर नगरिया में-
दाहिना काल भैरव सरकार, बामा आन्नद बटुक दुआर-
दक्षिण काली माता ठाढ़ मंदिरिया में, देवघर नगरिया में-
हर-हर बम बम केर नारा, नित दिन गंगा जल धारा-
बम भोला कैलाश पहड़िया में, देवघर नगरिया में-
सुन्दर कीर्तन केर ओरियान, गायन वादन सकल विधान-
पंडा बाबा के जुटान जल ढढ़िया में, देवघर नगरिया में-
जीबू, बैजू , मणिकांत,एहिना ध्याने मगन एकांत-
एलियै मिथिला सं बैजू नगरिया में, देवघर नगरिया में...
Posted on: Dec 07, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गुरु तेगबहादुर और उनके बेटे गुरु गोविन्द सिंह की कहानी : तेगबहादुर शहादत दिवस के उपलक्ष्य में
एक बार गुरु तेगबहादुर जी के पास कुछ कश्मीरी पंडित पहुँचे और अपना दर्द बताने लगे कि मुगलों के अत्याचार से वे त्रस्त हो चुके हैं, आप ही कुछ कीजिए गुरु साहिब जी सोच में पड़ गए तभी उनका नौ साल का होनहार तेजस्वी बालक आकर पूछता है ‘पिताजी आप किस चिंतन में डूबे हुए हैं? तो गुरु साहिब कहते हैं ‘बेटे मुगलों का अत्याचार बहुत बढ़ गया है उसे खत्म करने के लिए किसी महापुरुष को ही अपना बलिदान करना पड़ेगा तभी यह देश जागृत होगा इतना सुनना था कि बालक फौरन बोल उठा आपसे बढ़ कर दूसरा महापुरुष और कौन हो सकता है आपको ही यह कार्य करना चाहिए, पुत्र की बात सुन कर पिता गुरु तेगबहादुर प्रसन्न हो गए और बोले ठीक है मैं ही यह कार्य करूँगा । वहाँ उपस्थित लोगों ने बालक से कहा अरे बेटे ये तुमने क्या कर दिया? तुम्हारे पिता को कुछ हो गया तो तुम अनाथ हो जाओगे तुम्हारी माता विधवा हो जाएँगी? नन्हे बालक गोबिंद राय ने तब सिर तान कर उत्तर दिया अगर पिता के बलिदान से इस देश में मुगलों का अत्याचार खत्म हो सकता है और इस देश के लोग जुल्म के खिलाफ लडऩे के लिए तैयार हो सकते हैं तो मुझे कोई दुख नहीं बल्कि गर्व होगा अपने पुत्र के साहसिक उत्तर को सुन कर गुरु तेगबहादुर जी मुसकरा पड़े और पुत्र को गले लगा कर बोले मेरे बाद तू ही धर्मरक्षक के रूप में मेरे काम को आगे बढ़ाएगा और ऐसा ही हुआ और बड़े हो कर वे सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के रूप में विश्वविख्यात हुए | सुनील@9308571702
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
किसी समाज में प्रगति का पैमाना उस समाज में महिलाओं की स्थिति होनी चाहिए: डा आंबेडकर...
वंचितों और महिलाओं के हक़ में आवाज़ उठाने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का निधन 6/12/1956 को हुआ था लेकिन उनके द्वारा कही गई हर बात से हिन्दुस्तान के हर व्यक्ति को प्रेरणा मिलती है बता रहे हैं सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से । वे बता रहे हैं कि जैसे आंबेडकर जी के द्वारा यह कहा गया कि मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारा सिखाता है । मानव का बौद्धिक विकास मनुष्य अस्तित्व का परम लक्ष्य होना चाहिए । एक महान व्यक्ति प्रतिष्टित व्यक्ति से अलग होता है क्योकि वह समाज का सेवक बनने को तैयार रहता है । किसी भी समाज की प्रगति का पैमाना उस समाज में महिलाओं की स्थिति से आंका जाना चाहिए । सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन, शत् बार नमन...गुरु तेगबहादुर शहादत पर गीत
गुरु तेगबहादुर की शहादत को स्मरण कर सुनील कुमार उसकी जयन्ती पर एक गीत सुना रहे हैं :
वे हिंद की चादर उजली है, शत् बार नमन, शत् बार नमन-
गुरु तेगबहादुर जी से हम, सीखें नित स्वाभिमान-दर्शन-
जो थे अत्याचारी उनसे, भिड़कर जीवन बलिदान किया-
जो पीडि़त हिंदू थे उनका संरक्षण और उत्थान किया-
थे मानवता के वे रक्षक, जीवन को जिनने किया हवन-
वे हिंद की उजली चादर हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
बेटे ने कहा पिता मेरे, अब आप धर्म के रक्षक हैं-
आगे आएँ प्रतिकार करें, ये मुगल दुष्ट औ भक्षक हैं-
बेटे प्रीतम की बात सुनी, बढ़ गए गुरु के तब पुण्यचरन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
गुरु बोले औरंगजेब सुनो, राजा के गंदे काम नहीं-
जो जबरन धर्म बदलवाए वह तो सच्चा इसलाम नहीं-
और शीश दिया पर सी न की, हँसके कर गए परलोक गमन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन...
