उजाड़ना आसान है, बनाना बहुत कठिन...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
उजाड़ना आसान है, बनाना बहुत कठिन है-
हवाएं ऐसी फैली की लोग चकित हो गये-
हकीकत सामने आया तो लोग देखते ही रह गए-
देखते ही देखते नक्शा बदल गई-
शमशान भी नही बचा-
वहाँ बड़े-बड़े मशीन और चिमनी गढ़ गया-
लहलहाती थी फसल जहाँ समतल बंजर बना दिया गया-
किसान अन्न पैदा करते थे वहां बिजलियाँ पैदा होने लगा-
जहाँ-जहाँ कोयला मिला वहां-वहां खदान खुलने लगा...
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
मच्छर दादा मच्छर दादा मेरे घर तुम ना आना-
मेरे घर में आकर तुम अपना सुई ना चुभाना-
बड़ा दर्द होता हैं पड़ता है खुजलाना-
लाते हो तुम मलेरिया हैजा सभी ने यही हैं जाना-
तुम चुपके- चुपके आकर कानों में ना भुनभुनाना-
तुम आकर काटते हो तो पड़ता हैं अस्पताल जाना...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
देखना कहीं लडकियां उठाकर ले न जायेंगे...चुटकुला
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक चुटकुला सुना रहे हैं:
जीजा : साला तू ज्यादा घुमंतू होते जा रहा है देखना कहीं लडकियां उठाकर ले न जायेंगे-
साला : जीजा जी आपको भी लडकियां उठाकर ले गये थे जो आप मुझे बता रहे हैं-
जीजा : हाँ तेरी दीदी मुझे उठाकर ले गई थी इसलिए तो आज तक भुगत रहा हूँ नौकर बनकर रह गया हूँ-
साला: ऐसी चुड़ेल आज तक पैदा नही हुई है कि मुझे कोई उठाकर ले जाए मै खुद ही उठाकर ले आउंगा मै नौकर बनकर नही रहूंगा-
जीजा : तेरा बहन चुड़ेल है जो तुम कह रहे हो मै तो लड़की समझकर शादी किया था इसलिए मुझे इतना सताती है-
साला: मै अपने दीदी के बारे में थोड़े ही कह रहा हूँ मै तो मुझे उठाने वाली लड़की के बारे में कह रहा हूँ-
जीजा : देखूंगा जब तेरा शादी होगा तो कितना मार खाओगे...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG JOKE KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
हुआ कलयुग का शुभारंभ, कल कारखानो से धरती तंग-
चोरी लूट-पाट से लोग तंग, सभी अपने आप में हैं मतंग-
धोखा देना लोगो का बना गुरु मंत्र, सीखे पढ़े है तन्त्र मन्त्र-
कहते हैं अपने आप को स्वतंत्र, ऐसा ही है देशवासियों का यह तंत्र-
फिर आएगा कलि काल, लोगो का होगा हलाल-
लहू से होगी धरती लाल, सभी के ऊपर मंडराएगा काल...
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बेटा पिता से कहता है आप तो अनपढ़ गंवार हैं मै तो पढ़ा लिखा ज्ञानवान हूँ...व्यंग्य
ग्राम-तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक व्यंग्य सुना रहे हैं:
पिता- बेटा थोड़ा खेत-खार के तरफ भी तो घूम आया करो-
बेटा- पिता ये तो सब आपका काम है, आप तो अनपढ़ गंवार हैं मै तो पढ़ा लिखा ज्ञानवान हूँ ये सब मुझे अच्छा नही लगता और मेरे दोस्त भी हँसेंगे-
पिता-बेटा थोडा मंदिर तरफ हो आओ और ये नारियल-अगरबत्ती दिया भी लगा आना-
बेटा- पिता जी मै भगवान को नही मानता मै तो विज्ञान को मानता हूँ आपके जैसे रूढ़िवादी नही हूँ, आप भगवान् को मानो मै नही मानता-
पिता-बेटा सुबह जल्दी उठकर सैर-सपाटा कर आना चाहिए स्वास्थ्य अच्छा रहता है और बड़े बुजुर्गों का कहना भी है, शाम-सुबह की हवा लाख रुपया के दवा-
बेटा-पिता जी ये सब आप मानो मै तो नया युग में पैदा हुआ हूँ मुझे टी.वी मोबाईल से संदेश सुनना, समाचार देखना, अच्छा लगता है, आपकी बेतुकी बातें अच्छा नही लगता है...
