कहां जगे झेरा पाके, कहां जग मेरा हरे...गीत-
ग्राम-देवरी, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक डोमकच गीत सुना रहे हैं:
कहां जगे झेरा पाके, कहां जग मेरा हरे-
कहां जगे लाल पाकले बहेरा-
झरिया में झेरा पाके, टिकरा आमेरा हारे-
ढोडी घाटे लाल पाकले बहेरा-
माहर मा जडे लाल पाकले बहेरा...
Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
3 दिवसीय मेला 29 फरवरी से...
ग्राम पंचायत-जोड़ेगा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सुंदर नाग मर्दापाल में होंने वाले मेले के बारे में जानकारी दे रहे हैं, यह मेला 29 फरवरी दिन शनिवार को आयोजित होना है, यह तीन दिवसीय मेला है वहां के लोगो की मान्यता है कि उस दिन उनके देवी देवता वहां आते हैं, मेले में आस पास के इलाके लोग आते हैं, वह इलाका नक्सल प्रभावित होने से लोग आने से डरते हैं लेकिन वहां लोगो को कोई खतरा नहीं है, मेले में लोग शामिल होते हैं और आनंद उठाते हैं, इच्छुक व्यक्ति मेले में जा सकते हैं : सुंदर नाग@9340881053.
Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG KONDAGAON SONG STORY SUNDAR NAAG VICTIMS REGISTER
मन लागा भजन में...भजन-
मनेन्द्रगढ़, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से सरोज गुप्ता एक भजन सुना रहे हैं:
घर से चली है मीरा बाई हो-
मन लागा भजन में-
उनके भजन से ब्रम्हा जी खुश हुये-
वेद दिये है भुलाये हो-
मन लागा भजन में-
उनके भजन से बिष्णु जी खुश हुये-
संख दिये है भुलाये हो-
मन लागा भजन में...
Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG KORIYA SAROJ GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : आँखों की समस्या का घरेलू उपचार...
मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी आँखों की रौशनी बढ़ाने का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काला जीरा 10 ग्राम लेकर आधा लीटर पानी में उबालें और जब पानी आधा बचे तो उसे छानकर ठण्डा कर सुबह शाम आँखों को धोयें ऐसा करने से आँख की रौशनी बढ़ती है, रतौंधी रोग में लाभ मिल सकता है, ये प्रक्रिया लगातार 21 दिन तक करना चाहिये, सफाई का विशेष ध्यान दें, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन, मैदा नमक शक्कर का प्रयोग कम करें : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG HD GADHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
मै तो राधा राधा गाऊँ...भजन-
मनेद्रगढ़, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से सरोज गुप्ता एक भजन सुना रही हैं:
मै तो राधा राधा गाऊँ, श्याम तेरी गलियों में-
जिन गलियों की माटी खाई-
उस माटी से तिलक लगाई लगाऊँ, श्याम तेरी गलियों में-
जिन गलियों में मटकी फोड़ी-
वहां दही बेचने जाऊँ, श्याम तेरी गलियों में-
जिन गलियों में रास रचाया-
मै तो रोज नाचने जाऊँ, श्याम तेरी गलियों में-
मै तो राधा-राधा गाऊँ श्याम तेरी गलियों में...
