सरस्वती माँ का पूजा करलो सबसे अच्छा धर्म है...गीत-

मनापति, जिला-मधुबनी, बिहार से दीपक कुमार गीत सुना रहे हैं, “सरस्वती माँ का पूजा करलो सबसे अच्छा धर्म है” | अपने संदेशो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050058000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)

Posted on: Feb 13, 2021. Tags: BIHAR DIPAK KUMAR SONG

वनांचल स्वर: वनवासियों की देव नीति...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) विरेन्द्र कुमार जो धनेली कन्हार के सरपंच हैं, ग्राम के महासम्मेलन के बारे में जानकारी दे रहे हैं| पूर्वज बताते थे कि गाँव के गायता, पटेल की नियुक्ति सर्वसम्मीति से होनी चाहिए| शीतला के पुजारी निर्वाचक होते हैं| जिस प्रकार विधायक, सरपंच के चुनाव होते हैं| पूर्वज ने देव नीति की स्थापना की थी जिसकी मदद से नियम-कायदे बनाए जाते थे , चुनाव करवाए जाते थे| आगामी १५ मार्च को गायता पुजारी का विधिवत निर्माण होना है महासम्मेलन के दौर होंगे| 52 परगना के देव, मांझी, मूरादार, पुजारीयों की उपस्तिथि होगी| सभी उम्र के लोगो कि उपस्तिथि होगी| गाँव की सीमा के अंदर रहने वाले सभी जीवों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान होगा| संपर्क:- 8839492918(RM)

Posted on: Feb 08, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR

मोदी तेरा चुनाव करेंगे नहीं...गीत-

जिला-उमरिया (मध्यप्रदेश) से राजा बैगा एक गीत सुना रहे हैं:
मोदी तेरा चुनाव करेंगे नहीं-
कुर्सी पर बैठाया हमने-
मंत्री बनाया हमने-
मिलोगे न मोदी हमसे-
कई कई न कई-
मोदी तेरा चुनाव करेंगे नहीं...

Posted on: Jan 24, 2021. Tags: HINDI MP SONG UMARIYA

सूरज उगता है पूर्व दिशा के और से...नया वर्ष के हिंदी शायरी

ग्राम-कुंवरदा, थाना-कापू, तहसील-धरमजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार नया वर्ष के हिंदी शायरी सुना रहे हैं-
सूरज उगता है पूर्व दिशा के और से-
नया साल मुबारक हो 2021कि ओर से-
चूहा निकलता है बिल से-
नया साल मुबारक हो दिल से-
सोने के थाली में रेशम कि जाल-
नया साला मुबारक 2021 की साल...(183440 )

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: HINDI SHAYRI MAHESH KUMAR NEW YEAR SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं...

ग्राम-धनेली (कन्हार), तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार अपने ग्राम में हलबा और गोंड समाज के लोगों के द्वारा विवाह करने की विधि के बारे में बता रहे हैं। आदिवासी जंगलों में रहते हैं उन्हें प्रकृति का पुजारी भी माना जाता है। यह लोग विवाह के मंडप बनाने के लिए जंगल से जामुन और डूमर की शाखा का उपयोग करते हैं। वह बताते हैं कि मंडप में इस्तेमाल होने वाले पेड़ों के बदले में वह बच्चों के जन्म के बाद जंगल में दुगने महुआ के पौधे उग आते हैं। कुमार के अनुसार यह रिवाज पहली बार सन् 2000 में शुरू हुआ। सम्पर्क@883949291. (185569) GT

Posted on: Jan 01, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR

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