निबुवा के डार बांसा के फुंदरा...जस गीत-

करौंदा टोला, ब्लाक-राजेंद्रग्राम, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से भाज्जी लाल एक जस गीत सुना रहे हैं :
निबुवा के डार बांसा के फुंदरा-
सब देव झूले ला जाये हो माय-
झुलत झुलत कुले हो ये माता-
टूट गयन बिरिहार हो माय-
कोन तो झूलय कोन झुलावय-
कोन तो हुमकी दे हो माय... (AR)

Posted on: Jun 19, 2020. Tags: ANUPPUR MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : रक्त विकार को दूर करने में विदारी कंद का उपयोग-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल रक्त विकार को ठीक करने में विदारी कंद का उपयोग बता रहे हैं, विदारी कंद की सब्जी के रूप में उपयोग करने से रक्त संबंधी विकार को दूर करने में लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015.

Posted on: Jun 19, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

खेती के लिये विद्युत विस्तार के संबंध में कई बार आवेदन दे चुके हैं, काम नहीं होता है...

ग्राम-मलनार, पंचायत-नहकानार, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से राजकुमार कोर्राम बता रहे हैं, उन्होंने खेती के लिये विद्युत विस्तार करने के संबंध में आवेदन किया था लेकिन उसमे अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है, डेढ़ साल हो चुके है, कई बार आवेदन कर चुके हैं इसलिये अब सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का निरकरण कराने में मदद करें, जिससे खेती में मदद मिल सके: सरपंच@7746009210. संपर्क नंबर@7089358225. (AR)

Posted on: Jun 19, 2020. Tags: AGRICULTURE CG KONDAGAON PROBLEM RAJKUNAR KORRAM SONG VICTIMS REGISTER

अच्छी फसल के लिये खेती में जैविक खाद का अधिक उपयोग करते हैं-

मलनार, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से मोनूराम सोरी बता रहे हैं वे किसान है, 3 एकड़ में खेती करते हैं, खेती के लिये वे पारंपरिक साधन का उपयोग करते हैं, खेती में गोबर खाद का उपयोग करते हैं, कभी कभी रासयनिक खाद डीपी का भी उपयोग करते हैं, इससे फसल में बाजार वाले खाद का ज्यादा असर नहीं होता है और अच्छा फसल मिल जाता है : संपर्क नंबर@6268173920. (AR)

Posted on: Jun 19, 2020. Tags: CG KONDAGAON MONURAM SORI SONG STORY VICTIMS REGISTER

नास्ते का दूकान लगाकर घर चलाते हैं, समस्या होती है लेकिन ये जीवन यापन का साधन है-

मिताई डे बता रहे हैं कि वे छत्तीसगढ़ के निवासी वर्तमान में भामरागढ़ महाराष्ट में रह रहे हैं, 22 साल से वहां रह रहे हैं, चाय नास्ते की दुकान चलाते हैं, इसी से अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, जब से आये हैं तभी से इस काम को कर रहे हैं, ये काम उन्होंने अपने पैसे से शुरू किया था, कोई लोन नहीं लिया, उनका कहना है कि लोन हम गरीबो को नहीं मिलता है, मुद्रा लोन के लिये प्रयास किये थे लेकिन मिला नहीं, तब अपने से काम शुरू किया| इस काम में उन्हें दिक्कत भी होती है, कभी जगह से हटा दिया जाता है इस तरह से काम में समस्या है लेकिन घर चलाने के लिये काम करना है| (AR)

Posted on: Jun 19, 2020. Tags: GADCHIROLI MH MITAI DE SONG STORY VICTIMS REGISTER

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