कुदारगढ़ीं मईया, बनके चिरैया बोले मईया मईया...भक्ति गीत-
ग्राम-इन्दरपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामचंद्र सिंह एक देवी गीत सुना रहे हैं:
कुदारगढ़ीं मईया-
बनके चिरैया बोले मईया मईया-
आमा ले बोले सुगा-
बरगद ले बोले मईया-
कुदारगढ़ीं मईया-
बनके चिरैया बोले मईया मईया...
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: CG RAMCHANDRA SINGH RELIGION SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
कंपनी में 4 माह काम किया था, 2 माह का पैसा नहीं मिला है...
ग्राम पंचायत-मौदहा, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से रंजीत केवट बता रहे हैं कि लॉकडाउन से पहले सूरत में बिरला कापर कंपनी में काम कर रहे थे, जहाँ पर उन्हें काम पैसा निर्धारित समय पर नहीं मिल रहा था, अभी 2 माह का पैसा रुका है, लॉकडाउन में पैसा नहीं मिला है, उन्होंने इसके लिये विभागीय अधिकारियों के पास आवेदन किया था लेकिन काम नहीं हुआ है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों में बात कर काम का पैसा दिलाने में मदद करें: ठेकेदार नंबर@9725851206. संपर्क नंबर@9624395521. (AR)
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: CORONA PROBLEM MP RANJIT KEWAT SATANA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : अंगूर के औषधीय उपयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल अंगूर का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, किसमिस का सेवन से मुह का कड़वापन, पित्त दूर हो सकता है, आंवला और अंगूर को सामान भाग में लेकर उबालकर सुखाकर पीसकर शहद के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर और जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: CG HEALTH KEDRNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
ओ मेरे विश्व के मूलनिवासी भाई...गोंडवाना जागृति गीत-
भामरागढ़, जिला-गडचिरोली (महाराष्ट) से दादा राघवनराव जी कुसराम एक गीत सुना रहे हैं:
ओ मेरे विश्व के मूलनिवासी भाई-
जाग ले अब सोने का वक्त नहीं-
देख आगे है खायी-
यहाँ का मालिक तू करता धरता-
सोने के सिक्के चलाया तू-
गोंडवाना में राज किया तू...
Posted on: Jun 15, 2020. Tags: GADCHIROLI GONDWANA MH RAGHVANRAV KUSRAM SONG VICTIMS REGISTER
ज़रुरत की चीज को ज्यादा जरुरतमंद को देने पर सच्चा सुख मिलता है...स्वामी विवेकानंद की कहानी
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरिका के यात्रा पर थे, एक दिन वे अपने लिये रोटियां बना रहे थे तो उनके पास कुछ बच्चे आकर खड़े हो गये, बच्चे भूखे थे, स्वामी जी ने अपनी बनाई रोटियां बच्चो को बाँट दी, बच्चो ने खूब मजे से रोटियां खायी, ये सब वो महिला देख रही थी जिनके घर स्वामी जी रहते थे, महिला से रहा न गया और उसने पूछ लिया स्वामी जी अब आप क्या खायेंगे, सारी रोटियां तो बाँट दी| आनंदित होते हुये स्वामी बोले माँ इससे तो पेट की ज्वाला शांत होगी लेकिन बच्चो को तृप्ति मिली, देने से मिलने वाला आनंद बहुत बड़ा होता है|
