बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ...देवी गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक देवी गीत सुना रहे हैं :
बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ-
कलकत्ता के काली ला सुमरो-
डोंगरगढ़ बमलाई-
सम्मलपुर समलाई ला सुँमिरो-
सम्मालपुर समलाई-
बघवा के सवारी में तै चले आबे मईया ओ...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में, तेरी मुरली ने जादू डाला...गीत-
सीजीनेट के सांथी त्रिलोकी सिदार एक गीत सुना रहे हैं :
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में-
तेरी मुरली ने जादू डाला-
श्याम भूख लगे तो हमसे कहियो-
खाना खिला दो थलिया में-
श्याम छेड़ो न बीच डगरिया में-
तेरी मुरली ने जादू डाला...
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: SONG TRILOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो...देवी गीत
ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से तिरलोकी सिदार एक देवी गीत सुना रहा है:
ज्ञान बुद्धि के तहि देवैया माई तोरे दुआरी-
सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो-
बीच सरयू पर कमल फुल मा बैठे आसन मारे-
हम बालक तोर अरज करतहन दोनों हाथ लमाके-
छोटे-छोटे लैकाअन ओ दाई तय सबके महतारी-
पंचम शुर मा गूंगा बोले छत्तीस राग मिलाके-
विनय करे देवता नर-नारी सरग ले चन्दा धाये...
Posted on: Mar 14, 2019. Tags: CG RAIGARH SONG TIRLOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...वंदना गीत-
ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से त्रिलोकी सिदार एक वंदना सुना रहे हैं:
या कुंदेंदु तुषार हार धवला, या शुभ्र वास्त्राविता-
या वीणा वरदंडमंडित करा या श्वेत पद्मासना-
या ब्राम्हा चित शंकरा प्रभुति भी, देवय सदा वंदिता-
श्यामा पातु सरस्वती भगवती, निशेश जध्या पहा-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तारदे माँ-
तू स्वर की देवी संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे-
हम हैं अकेले, हम है अधूरे तेरे शरण में हमें तार दे माँ...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: SONG TRILOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
ज्ञान बुद्धि के तहीं देवईया हो, माई तोर दुआरी...छत्तीसगढ़ी में सरस्वती वंदना-
त्रिलोकी सिदार छत्तीसगढ़ी भाषा में एक सरस्वती वंदना सुना रहे हैं :
ज्ञान बुद्धि के तहीं देवईया हो, माई तोर दुआरी-
सरस्वती दाई हो हवए तोर हंस सवारी-
ज्ञान बुद्धि के तहीं देवईया हो, माई तोर दुआरी-
अरे किस्मत होता है, पर जां नही होती-
बीच सरोवर कमल फूल मा बईठे आसन मारे-
विनय करें देवता नर नारी, सरग ले चंदा माई-
अरे छोटे-छोटे लड़िकन दाई, तै सब के महतारी...
