झिमिर-झिमिर पानी बरसे, जोते खेत-खलिहान...वर्षा गीत
रूपलाल मरावी ग्रामपंचायत-धुमाडांड, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से एक वर्षा गीत सुना रहे है :
झिमिर-झिमिर पानी बरसे-
जोते खेत-खलिहान-
रेंगरेगो लोवा बरधा दिरहे तिनगारी देह-
साईत को रोके नागर-जुआ-
काट को रोके नागर जुआ-
ऊंह देशन बिहनिया धान-
बाढ़े-फूले होए धान-
ओला खाथे लरका ओजे मोसियान-
झिमिर-झिमिर पानी बरसे-जोते खेत-खलिहान...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: Rooplal Marawi SONG VICTIMS REGISTER
दया देत जाना बाबा तोर आये हो सरन मा...शिव गुरु भजन -
जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी अपने साथियों के सांथ शिव गुरु भजन कर रहे हैं वे बता रहे हैं कि ये आदिवासी समाज में एक परंपरा है जिसमें वे गीत भजन गा कर अपने गुरु शिव की आराधना करते हैं इसमें महिला पुरुष सभी शामिल होते हैं :
दया देत जाना बाबा तोर आये हो सरन मा-
दया देत जाना महादेव तोर आये हो सरन-
दया देत जाना बाबा तोर आये हो सरन मा दया देत जाना...
Posted on: Nov 16, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हम खेती में अधिकतर गोबर खाद का उपयोग करते हैं, इससे ज़मीन की उर्वरा शक्ति बची रहती है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ब्लाक-गीदम, जिला-दन्तेवाड़ा, दक्षिण बस्तर (छत्तीसगढ़) के साप्ताहिक हाट में पहुँची है वहां रूपलाल मरावी बाजार में सब्जी व्यापारी हेमेन्द्र कुमार ठाकुर, विजय कुमार ठाकुर और श्याम सिंह ठाकुर से चर्चा कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे लोग सब्जी उगाने के लिए सबसे अधिक गोबर खाद का ही उपयोग करते हैं DAP यूरिया, सुपर फास्फेट आदि रासायनिक खाद का बहुत कम उपयोग करते है ये सब्जी बेचने के लिए गीदम, दन्तेवाडा, बीजापुर के बाजार में जाते हैं और ये सभी किसान भाईयों को संदेश दे रहे हैं कि खेती में गोबर खाद का ही उपयोग करना चाहिए जिससे भूमि कि उपजाऊ क्षमता बनी रहे यदि जरूरत हो तो कम मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करें |
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पूर्वजों ने जंगल काटकर खेत बनाया, उस पर ही आज भी हम खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं ...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-दुगेली, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से रूपलाल मरावी गाँव के साथी विजय कुमार कर्मा के सांथ चर्चा कर रहे हैं ये बता रहे हैं कि इस जगह पर कई वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज आये, पेड़ो को काटा और रहने और खेती के लिए जगह बनाया जिस पर आज भी वे खेती कर रहे हैं और कमा कर खा रहे हैं. यहाँ सागौन के पेंड़ थे तब से इस जगह पर ये काम कर अपना जीवन यापन करते हैं, अभी भी आसपास घना जंगल है यहां पर आदिवासी जाति मुख्यतः निवास करते हैं सभी मिल जुल कर किसी भी विशेष काम को करने के लिए समय तय करते हैं जैसे कि कब देवी देवता का पूजन करना सांथ ही और अपने रीति परंपराओं को मानते हुए ये अपना जीवन जीते हैं |
Posted on: Nov 06, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
ओड़ा वेडे ला नानो नागे बा केंदे नानो वेडे ला...गोंडी गीत -
पटेलपारा, ग्राम पंचायत-मुस्केल जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी के साथ प्राथमिक शाला मुस्केल, पटेलपारा स्कूल में बच्चे सुशीला, तुलसी, अनीता है जो एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
ओड़ा वेडे ला नानो नागे बा केंदे नानो वेडे ला-
ओड़ा वेडे ला नानो नागे बा केंदे नानो वेडे ला...



