करोना से संग्राम हम जीतेगें...कोरोना गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
हम जीतेगें आज दुःख से दिन जीते-
कल सुख से भी दिन जीतेगें-
करोना से संग्राम हम जीतेगें-
बाढ भूकंप आग जनी-
और कभी है महामारी-
समस्याओं से होना दो चार नाम उसी का है संसार...(AR)
Posted on: Apr 30, 2021. Tags: CG CORONA SONG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
निःस्वार्थ भाव से सेवा करना चाहिये...
राजनांद, छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र गंधर्व हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर संदेस दे रहे हैं, ये त्यौहार हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनायी जाती है, इस जयंती पर यह बात सीखने की आवश्यकता है कि जिस तरह से हनुमान जी ने कभी श्रेय लेने के लिये काम नहीं किया और कभी श्रेय नहीं लिया| ठीक उसी तरह हमें भी निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिये|
Posted on: Apr 27, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHRV
मुखिया मुख सो चाहिये खान पान तो एक...दोहा-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व दोहा सुना रहे हैं:
मुखिया मुख सो चाहिये खान पान तो एक
पालये पोषये सकल अंग तुलसी सहित विवेक
मुखिया को मुह के समान होना चाहिये
जिस प्रकार मुह जो है खाता है और सारे अंगो को ओ दे देता है ताकि सारे अंगो का पालन पोषण हो सके और मजबूत बन सके| (AR)
Posted on: Apr 26, 2021. Tags: CG DOHA RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
करोना के टीके लगवायें प्यारे...कोरोना गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कोरोना गीत सुना रहे हैं:
करोना के टीके लगवायें प्यारे-
अच्छे दिन आये हमारे-
मिल जुल कर स्वागत करते हैं-
हम सारे अच्छे दिन आये हमारे-
ये टीके बिलकुल देशी है-
ये जन जन के हितेसी है-
करोना के टीके लगवायें प्यारे...(AR)
Posted on: Apr 25, 2021. Tags: CG CORONA SONG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
जो खुद ही खुद पर भारी है उसे क्या मारे महामारी है...पंक्तियाँ
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं:
खुद ही खुद पर भारी बन-
चाकू छूरी कटारी बन-
खुद ही खुद पर भारी बन-
जो खुद ही खुद पर भारी है-
उसे क्या मारे महामारी है-
रखो भरोसा सदा सलोना-
एक दिन जायेगा करोना...(AR)
