निस तन धन की कौन बढ़ाई...भजन-
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व कवीर दास द्वारा रचित एक भजन सुना रहे हैं, जिसके बोल हैं “निस तन धन की कौन बढ़ाई” | अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
Posted on: Mar 14, 2021. Tags: CG SONG VIRENDRA GANDHARV
अभिलाषा के विध्या के शिक्षा का सुविचारो से...कविता-
जिला-राजनदगावं (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व कविता सुना रहे है:
वीरेन्द्र गंद्रव नाम हमारा-
राजनादागावं गावं हमारा-
अभिलाषा के विध्या के-
शिक्षा का सुविचारो से-
हमें वितरक है-
लो ख़ुशी दो ख़ुशी-
तो खुशनुमा होगी जिन्दगी-
किले जितने वाले मिट जाते है-
दिल जितने वाले सदा याद किये जाते है...
Posted on: Mar 13, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
जादा मीठा खाना नहीं...गीत-
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
जादा मीठा खाना नहीं-
फिर पीछे पछताना नहीं-
चीनी रोगी हो जाओगे-
हाय हाय मे ही खो जाओगे-
गोलियो को खाओ चावल मत खा-
परहेज मे फिर जीवन बिता...
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV
बाँट के अमृत विष का प्याला पीने वाला कोई नहीं...भजन-
राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व महाशिव रात्रि के अवसर पर गीत सुना रहे हैं:
जोगी गाये गली गली जय शिव भोला पार्वती-
तीन लोक में शिव जैसा जग रखवाला कोई नहीं-
बाँट के अमृत विष का प्याला पीने वाला कोई नहीं-
अपने भक्तो की विनती सुनते हैं यू तो देव सभी-
पर महादेव सा जल्दी संकट हरने वाला कोई नहीं-
इतने नाम है इस बाबा के ऐसा निराला कोई नहीं... (AR)
Posted on: Mar 11, 2021. Tags: BHAJAN CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV
दुर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय...दोहा
राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व कबीरदास के दोहे के माध्यम से बता रहे हैं कि दुर्बल को नहीं सताना चाहिये, इससे उसकी हाय लगती है|
दुर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय-
बिना जीव की श्वास से, लोह भस्म हो जाय...
