सावनी रखे और दूसरो को भी जागरूक करें-
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अशोक कुमार कोरी बता रहे हैं, कोरोना वायरस से बचने के लिये घर में रहे, ज्यादा जरुरी हो तभी निकले, सावधानी रखे, दूसरो को भी जागरूक करें, सफाई रखें, जिससे इस महामारी से बचाव हो सके, इस तरह से वे सभी जागरूक कर रहे हैं और दूसरो को भी जागरूक करने का संदेश दे रहे हैं|
Posted on: Mar 22, 2020. Tags: ASHOK KORI AWARENESS MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
होली के बाद का त्यौहार धुरेड़ी...
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश होली के बाद मनाये जाने वाले धुरेड़ी त्यौहार के बारे जानकारी दे रहे हैं इस त्यौहार में कीचड़, मिट्टी, केमिकल युक्त रंगो और कोयले जैसी चीजों का प्रयोग किया जाता है जिससे नुकसान होता है, स्किन ख़राब होता है, बीमारी हो सकता है इसलिये इससे बचना चाहिये और इस त्यौहार को ऐसा मनाये जिससे सबको अच्छा लगे, किसी का नुकसान न हो इसलिये खुद भी इसका उपयोग न करें और दूसरो को भी जागरूक करें : जगदीश@9752437223.
Posted on: Mar 11, 2020. Tags: AWARENESS HOLI JAGDISH YADAV REWA SONG VICTIMS REGISTER
आओ हम सब, होली के रंग मे डूब जाएं...कविता-
कानपूर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई होली के अवसर पर सभी को होली की शुभकामनायें देते हुये एक कविता सुना रहे हैं:
आओ हम सब, होली के रंग मे डूब जाएं-
मस्त मगन होकर जश्न मनाए-
तन भीग जाए मन भीग जाए-
कुछ ऐसे सरोबोर हो जाएं कि-
खुशी से सारा जग भीग जाएं-
हर तरफ उल्लास ही उल्लास हो-
हर तरफ उमंग ही उमंग हो-
रंगों के खेल में सब मगन हो-
नया जोश और एक नई लहर हो-
अबीर-गुलाल से भीगा हर शहर हो-
आओ हम सब-
होली के रंग मे डूब जाएं-
मस्त मगन होकर जश्न मनाए-
जश्न मनाए जश्न मनाए...
Posted on: Mar 11, 2020. Tags: HOLI KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
मै नहीं माखन खायो रे मईया...भाग गीत-
ग्राम-सरई, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार अपनी संगीत टोली के साथ एक फाग गीत सुना रहे हैं:
मै नहीं माखन खायो रे मईया-
मै नहीं माखन खायो न-
भोर होत गईयन पीछे-
मधुबन मोहि पठायो मईया-
मै नहीं माखन खायो न...
Posted on: Mar 10, 2020. Tags: DINORI HOLI MP SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
काली चुनरिया के कोर काला...होली गीत
ग्राम-नोनारी,जिला रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक होली गीत सुना रही हैं:
काली चुनरिया के कोर काला, पिया पानी न जाबये नजर लागी-
चाहे ससुर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब सास रानी-
चाहे जेठ जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब जेठ रानी-
चाहे देवर जी तुम भर लाबा, चाहे भरयें अब लहुर रानी-
काली चुनरिया के कोर काला पिया पानी न जाबये नजर लागी...
