मैया ओ रतनपुर के महा माई... भक्ति गीत
ग्राम आमाडुला जिला जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से चन्द्रकान्त लहरे नवरात्रि गीत सुना रहें हैं:
मैया ओ रतनपुर के महा माई-
करके आबे सोला ओ सिंगार-
मोर अंगना आ आ-
मोरे हो जवारा मोर महा माई-
ज्योत जले आठो पहर मोर अंगना-
मैया ओ रतनपुर के महा माई...
Posted on: Nov 03, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
बैरी बैरी मन मितान होंगे रे हमार देश मा बिहान होगे रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम केरा जिला जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से रामप्रसाद जी गीत सुना रहें हैं – बैरी बैरी मन मितान होगे रे-
हमार देश मा बिहान होगे रे-
छुआ चुत गुरुआ मा माता टेका गे-
बन गे खातू गोबर-
ऊचे नीचे खतुआ
होंगे सब बरोबर संगी-
सबके तन मा एक प्राण आ गये रे...
Posted on: Nov 03, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
ताय जनवा बाई सुनेला परही गारी सांझा बेरा यार...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-चेलेहेर, जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से गोलू एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
ताय जनवा बाई सुनेला परही गारी सांझा बेरा यार-
राखें हो लुका के छाती मा तोर माया ला सूरजफुल मोर-
देखे लेतेव नजर भर तोला नजर बैरी मोर-
सूरजफुल डाराके डारा वो सेमर फूले डाराके डारा वो-
घुमे बर आबे हमर पारा वो माया वाली गोरी-
आज आबे तय डिंडोरी माया के मारे यार-
ताय जनवा बाई सुनेला परही गारी सांझा बेरा यार...(180678) GT
Posted on: Nov 03, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
पानी बिना बादल के पहुना बिना आदर के...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-चन्द्रपुर,पंचायत-कुलाझर, ब्लाक-डभरा, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से राधा जयसवाल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
पानी बिना बादल के पहुना बिना आदर के-
मोला जिन्दगी अबिरथा लागे ना वो-
चंदा बिना धरती आकाश सुना लागे-
प्रभु के भजन बिना जिन्दगी अधर लागे-
चिरई बिना चारा के दुखवा बिना डारा के-
पानी बिना बादल के पहुना बिना आदर के...(180346) GT
Posted on: Nov 02, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
मोर मन के मन मोहनी अउ दिल के तय जोगनी... लोक छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-मुंद्रागुढी, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से हेमंत कुमार श्रीवास एक लोक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
मोर मन के मन मोहनी अउ दिल के तय जोगनी-
मुख दान के हाय रे मुख दान के-
तोर काय पलट गये वो माया ला जान के-
मोर मन के मन मोहनी अउ दिल के तय जोगनी-
तोर काय पलट गये वो माया ला जान के-
मोर मन के मन मोहनी अउ दिल के तय जोगनी...(180343) GT
