गुरुनानक देव और सुई की कहानी...
गुरुनानक लाहौर यात्रा पर थे. वहां एक अजीब नियम था कि जिस व्यक्ति के पास जितनी सम्पति होगी वह अपने घर के ऊपर उतने झंडे लगाता था. धुनीचंद के पास 20 करोड़ की सम्पति थी इसलिए उनकी घर की छत पर 20 झंडे थे. धुनीचंद को जब पता चला गुरुनानक लाहौर आये है तो वह उनसे मिलने गया और सेवा का अवसर माँगा तो गुरुनानक ने उसे एक सुई देते हुए कहा कि इसे ले जाइये और अगले जन्म में मुझे वापस कीजिये। धुनीचंद ने सुई ले ली और उसने सोचा की अगले जन्म में यह सुई कैसे ले जा सकूँगा वह वापस गुरुनानक जी के पास गए तब गुरुनानक जी ने कहा जब तुम एक सुई अगले जन्म में नहीं ले जा सकते हो तो इतनी बड़ी सम्पति कैसे ले जा पाओगे इसके बाद उन्होंने दीन दुखियो की मदद करनी शुरू कर दी. सुनील@9308571702
Posted on: Jan 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: दांतों के दर्द का घरेलू उपचार
नई बाजार, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार के साथ आज सामाजिक कार्यकर्ता चंदा कुमारी है जो बता रही हैं ठण्ड के समय में दांतों से सम्बंधित समस्याए बढ़ जाती है कभी दांत में कनकनाहट होती है कभी झनझनाहट और कभी काफी दर्द होता है | उसके घरेलू उपचार के बारे में वे बता रही हैं उनके पिता ने उन्हें यह बताया था कि अमरुद के पत्ते को चबाने से दांतों का दर्द कम हो जाता है. वे बता रही हैं कि यह प्रयोग वह स्वयं कर चुकी हैं और उनके कई साथियों ने इसका सफल प्रयोग किया है इसलिए वे सुझाव दे रही हैं कि ठण्ड के समय जब दांत में दर्द हो तो आपके आस-पड़ोस में अमरुद का पेड़ खोजें और उसके पत्तों को चबाएं तो हो सकता है आपको किसी डाक्टर के पास न जाना पड़े और राहत भी मिल जाए. सुनील@9162679689
Posted on: Jan 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
वीरां हैं मेरी शाम ,परेशां मेरी नजर...गजल गीत
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से गजल सुना रहे है:
वीरां हैं मेरी शाम ,परेशां मेरी नजर-
अच्छा हुआ की तुम न हुए मेरे हमसफर-
कहीं सदा नहीं की जिसे जिंदगी कहूं-
मुद्दत से हैं खामोश मेरे दिल की रहगुजर-
तेरे बगैर कितनी फुर्सद हैं बज्में शेर-
ऐ दोस्त अब पढ़ूं मैं गजल किसको देखकर-
जालिब मुझे तो उनके गरीबां की फिक्र हैं-
जो हंस रहे हैं मेरे गरीबां के चाक पर...
Posted on: Jan 23, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
तू चाँद हवा अमर दिल में सजा रखव...भोजपुरी गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं :
तू चाँद हवा अमर दिल में सजा रखव-
दिल में सजा रखव, मन में बसा रखव-
रहब अब न तोहरा बिन एक पल न सहब-
दिन रात तोहरा संगे-संगे हरपल हम रहब-
तन में बसा रख हब मन में बसा रखव...
Posted on: Jan 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
तोहरा से राजी न ए बलम जी...भोजपुरी गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
तोहरा से राजी न ए बलम जी-
तोहरा से राजी ना-
कि हमरा झुलनी बीन तरसवल-
बलम जी-
तोहरा से राजी ना-
बाग लगवल ना ए बलम जी-
बग़ीचा लगवल ना-
की हमरा नथुनी बिन-
तरसवल बलम जी-
तोहरा से राजी ना...


