सर्वेश्वरी का ध्यान करो...भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता नवरात्री के पावन पर्व पर एक भजन सुना रहे हैं :
सर्वेश्वरी का ध्यान करो-
गुरु मंत्र का जाप करो-
तू ही ब्रम्हा तू ही विष्णू-
जय शिव शंकर याद करो-
गुरु मंत्र का जाप करो-
सर्वेश्वरी का ध्यान करो...
Posted on: Mar 25, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
चिंदी चिंदी कपड़ा, कर रहा बीच बाजार में लफड़ा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चिंदी चिंदी कपड़ा-
कर रहा बीच बाजार में लफड़ा-
करा रहा है झगड़ा-
जीतता वही जो तगड़ा-
मिनी कट अधनंगी-
वही फैला रही है गंदगी...
Posted on: Mar 25, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पेट साफ न होना. भूख न लगाने का घरेलू उपचार-
प्रयाग, विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी पेट साफ न होना भूख न लगाने का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अजवाईन 80 ग्राम, सेंधा नमक 40 ग्राम, काली मिर्च 40 ग्राम, काला नमक 40 ग्राम, जवा खाद 40 ग्राम, पपीते का जूस 20 ग्राम, जूस को अलग रखें और बाकि को पीसकर चूर्ण बना लें, उसके बाद 1 किलो नीबू के साथ मिलकर कांच के बर्तन में रखे और धूप रखे बीच – बीच में उसे हिलाते रहे ये प्रकृया 40 दिनों तक करें, दवा तैयार हो जाने के बाद आधा – आधा चम्मच चूर्ण दिन में दो बार भोजन के बाद सेवन करने से लाभ हो सकता हैं, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@ 9111061399.
Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : शराब की लत छुड़ाने का घरेलू नुस्खा-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी शराब की लत छुड़ाने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, अजवईन 1 किलो, पानी 1 लीटर लेकर, दोनों को मिलाकर पकायें, जब पककर आधा रह जाये तब ठण्डा कर, छानकर रख लें एक – एक कप काढ़ा दिन में दो बार खाली पेट सेवन करने से शराब पीने लत छुड़ाने में लाभ मिल सकता है, स्वास्थ में सुधार आता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@111061399.
Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
यहां लगा है आपा धापा-
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा-
अपने आप हैं बड़े पापा-
किसी को कौन अलापा-
सभी चाहते अपना सम्मान-
सभी बनाना चाहते धन-
बनना चाहते धनवान...
