स्वास्थ्य स्वर : बुखार, शरीर दर्द का घरेलू उपचार...
तामगढ़, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से वैद्य राजेश भार्गव से बुखार, शरीर दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं, भुई नीम की छाल या पात्ता को लेकर आधा लीटर पानी में उबाल लें, जब पानी एक पाव बचे तो उसे सुबह खाली पेट में सेवन करें, लाभ हो सकता है, इसका सेवन 6 दिन तक करना है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं: संपर्क नंबर@9285544059. (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: CG HEALTH JANJGIR CHANPA RAJESH BHARGAV SONG VICTIMS REGISTER
सब कुछ तुम छोड़ देना सब कुछ तुम भूल जना रे मानवा....इशू भक्ति गीत-
पूनम देवागन, बैकुण्डपुर जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक ईशु भक्ति गीत सुना रही है:
सोने का घडा कोने में पड़ा-
इशू तेरे याद में मुझे गाना-
गाना ही पड़ा हो..हो..हो..हो..
लाला..लाला..लाला..लाला..
सब कुछ तुम छोड़ देना-
सब कुछ तुम भूल जना रे-
मानवा इशू तेरे याद में-
ईशु तेरे प्यार में रे....CS
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: BAEKUNDPUR KORIYA CG HINDI SONG PUNAM DEWAGAN SONG VICTIMS REGISTER
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...कविता-
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं-
चाह नहीं प्रेमी माला के बिंद प्यारी को ललचाऊ-
चाह नहीं सम्राटो के हे हरी डाला जाऊं-
चाह नहीं देवों के सिर पर चढू भाग्य पर इठलाऊं-
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...(AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
माया जो होती त लानती बलौती...गीत-
दोंदर कॉलोनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रानी देवी एक सावन गीत सुना रही हैं:
निबिया का पेड़ा रानी-
चना चौतरवा पै केकर बेटी-
सामन मा ससुरवा हरे श्याम लिया-
माया जो होती त लानती बलौती-
पै पापा के कठिन करेजवा हरे शाम लिया-
भईया जो होते तो लनती बलौती-
पै काकी के कठिन करेजवा हरे शाम लिया... (AR)
Posted on: Jul 11, 2020. Tags: MP RANI DEVI REWA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गूलर का औषधीय उपयोग...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गूलर का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, गुर्दा रोग या भगंदर रोग में गुलर के दूध को रुई में भिगोकर उस स्थान पर लगाने से आराम हो सकता है, दूसरा गूलर के दूध को 10 – 20 बूंद जल में मिलाकर पीने से बबासीर और रक्त विकार में आराम मिल सकता है संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
