तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो...गीत-
प्रयागराज, उत्तरप्रदेश से करन शर्मा एक गीत सुना रहे हैं:
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो-
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो-
तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे-
कोई ना अपना सिवा तुम्हारे-
तुम ही हो नईया, तुम ही खिवईया-
तुम ही हो बंधू, सखा तुम ही हो... (AR)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: KARAN SHARMA PRAYAGRAJ SONG UP
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
कर चले हम फ़िदा जाने तन साथियों-
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों-
संविधान बनाया हमारे लिये-
उसको तोड़ा मरोड़ा जिसने लिये-
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों... (AR)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG
कितना चाहत छुपाये बैठा हूँ...गीत-
भीम प्रसाद प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से एक गीत सुना रहे हैं| “कितना चाहत छुपाये बैठा हूँ” |
कितना चाहत छुपाये बैठा हूँ-
ये न सोचो को मुझको प्यार नहीं...
अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
Posted on: Mar 08, 2021. Tags: BHIM PRASAD PRAYAGRAJ SONG UP
कोल ब्लाक के लिये गाँव के निवासीयों और आदिवासी किसानो पर बनाया जा रहा है दबाव...
ग्राम पंचायत-गरेटोला, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता
और गाँव के सरपंच गाँव की समस्या के बारे मे बता रहे हैं| राधेश्याम पैकरा जो गाँव के सरपंच हैं, उनका कहना है उनके इलाके मे कोल माइंस के लिये कोल ब्लाक बनाकर कंपनी को देने के लिये समर्थन की मांग अधिकारियों द्वारा की जा रही है| उनका कहना है कि वे अपने इलाके मे माइंस नहीं चाहते हैं| गाँव को बर्बाद नहीं होने देना चाहते हैं इसलिये उन्होने अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर सहमती देने से माना कर दिया है| गाँव के लोगो पर दबाव बनाया जा रहा हैं| गाँव के लोगो की जमीने ले ली गयी है और उन्हे मुववजा नहीं दिया गया है| इससे किसान प्रभावित हैं| वे सीजिनेट के साथियो से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर संपर्क इस समस्या का निराकरन कराने मे मदद करें: विधायक@9152222228, SDM@9425584600. मुख्यमंत्री@9425236666. सरपंच@9303675214. (186055) (AR)
Posted on: Mar 08, 2021. Tags: CG PROBLEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA
जो अक्सर अंधेरे के साये मे रहती है...कविता-
कानपुर से के एम भाई अंतर्राष्टीय महिला दिवस के उपलक्ष में एक कविता सुना रहे है :
जो अक्सर अंधेरे की साये में रहती है-
मैंने देखा है ऊँ आँखों को-
जो कभी आंसुओ से भीग जाती है-
तो जो कभी पहर सी ठहर सी जाती है-
जो सदियों से एक पलक भी नहीं झपकी-
जो कभी एकांत में सिसक जाती है...
