Impact : संदेश रिकॉर्ड करने के बाद पेंशन मिलने लगा है...
ग्राम-जरही, ब्लाक-पुष्पराजगढ़, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से गीता बाई बता रही हैं, उन्हें विधवा पेंशन नहीं मिल रहा था, इस संबंध में उन्होंने सचिव सरपंच के पास आवेदन किया था लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे थे, तब उन्होंने अपनी समस्या को 2 माहीने पहले सीजीनेट में रिकॉर्ड कराया, जिसके बाद उनको पेंशन मिलना शुरू हो गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी साथियों और अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क@7898022088.
Posted on: Feb 06, 2020. Tags: ANUPPUR BABULAL NETI IMPACT STORY MP SONG VICTIMS REGISTER
शौचालय अधूरा होने से बच्चो को बाहर शौच के लिये जाना पड़ता है...
ग्राम-बैलापाड़, पंचायत-चिनारी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से अतिथि शिक्षक जगदेव गावड़े बता रहे हैं कि स्कूल में जो शौचालय बना है वो अधूरा है जिसके कारण बच्चों को शौच के लिये बाहर नदी, नाला में जाना पड़ता है, स्कूल के शिक्षक श्री केसरी नंदन द्वारा 8 माह पहले शौचालय बनवाना शुरू किया गया था, उन्होंने शौचालय पूरा कराने के लिये आवेदन किये हैं लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर शौचालय को पूरा कराने में मदद करें: सचिव@7588499033, कलेक्टर@9425205669. संपर्क नंबर/ जगदेव गावड़े@7828540759.
Posted on: Feb 05, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT NARAYANPUR PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
ईमली बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं किसान...
ग्राम-ओंगनार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) जयराम पोटाई बता रहे हैं, वे इमली को अमट बनाकर खाते हैं और इमली को बेचने का काम करते हैं वे 16 रुपये किलो इमली बेचते हैं, किसी वर्ष अधिक तो किसी वर्ष कम उपज होता है, वे साल में लगभग 10 क्विंटल ईमली बेच लेते हैं, मार्च के महीने इमली को तोड़ने का काम होता है, ये उनके जीविका का साधन है, साथ ही गर्मी को कम करने में भी इसका उपयोग करते हैं, इसको स्टोर कर रखने से बाद में भी उपयोग किया जा सकता है, इसके अलावा भोजन में सब्जी को खट्टा बनाने में काम आता है इमली|
Posted on: Feb 05, 2020. Tags: BABULAL NETI CG NARAYANPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER
देशी बीज और गोबर खाद के उपयोग कर खेती करते हैं किसान...
ग्राम-अरगट्टा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से थातित अन्ना बता रहे हैं उनका गाँव आदिवासी गाँव हैं वहां पर लोग खेती के लिये शहरी बीज का उपयोग नहीं कृते हैं बल्कि जो उगाते हैं उसे ही उपयोग करते हैं, वे देशी बीजो की खेती करते हैं, रोपा नहीं लगाते बुवाई करते हैं, वे जितना उगाते हैं उनके परिवार के लिये पर्याप्त होता है, खेती के लिये किसान केवल गोबर का उपयोग करते हैं|
Posted on: Feb 02, 2020. Tags: BABULAL NETI CG SONG STORY SUKAMA VICTIMS REGISTER
वनों से प्राप्त जड़ी बूटी से बीमारी का ईलाज...
ग्राम-नेलवाडा, पंचायत-गोरगुंडा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से बंजम मडमा बता रहे हैं वे बुखार और आँख से संबंधित बीमारी की दवा देते हैं, 10 से ये काम कर रहे हैं, जड़ी पौधों के उपयोग ईलाज करने का तरीका उन्होंने अपनी माँ से सीखा था, ये जड़ी बूटी वे नेलवाड के जंगलो से लाते हैं, वे आज भी इलाज करते है और नि:शुल्क दवा देते हैं | संपर्क नंबर@9691154459.
