रे रेला रे रेला रा ला रे रेला, रे रेला रे रेला सैरेला रे रेला...गोंडी गोटुल गीत
जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से लोकप्रताप सिंह एक गोंडी गीत सुना रहे है, जिसमे गीत के माध्यम से प्रेमी अपनी प्रेमिका से गोटुल में श्रृंगार करके आने और एक सांथ नाचने गाने को कहता है :
रे रेला रे रेला रा ला रे रेला, रे रेला रे रेला सैरेला रे रेला-
हुलन करी ला नाना वायना, कुरन करी ला मना वायना-
नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे-
जितम करी लो नना वायना, नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे-
इन्देना करदेना नाटे गोटूल दायना,नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: GONDI SONG LOKPRATAP SINGH
कोरो पाटा रे माधव ने गावा, पारी कुपार लिंगो बाबा न सेवा...गोंडी गीत
मंडल-उटनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से सोयम गंगाराव एक गोंडी गीत सुन रहे है:
कोरो पाटा रे माधव ने गावा, पारी कुपार लिंगो बाबा न सेवा-
यादी मै शक्ति रे देते जन्मायच, अन्य सुगन्यसु जनमा सेवा कुटी-
कूटी लिंकुले पुड तोरे लिंगाले, पुन्य भूमि ते जनमाते वातोरे-
बत्तल तो बता माधव ने गावा, पारी कुपार लिंगो बाबा न सेवा...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: ADILABAD GONDI SONG SOYAM GANGARAM
देवगढ़ ता अजब ही कहानी रो कोयावंशी देवगढ़ ता अजब कहानी...गोंडी गीत
ग्राम-धनोरा, तहसील-पांढुरना, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से शशिकपूर धुर्वे एक गोंडी गीत सुना रहे है. इस गीत के माध्यम से बता रहे है कि देवगढ़ में गोंड राजा हुआ करता था जिसका नाम था जाटवा राजा| उसके महल में क्या-क्या हुआ करता था यह भी गीत में बताया गया है:
देवगढ़ ता अजब ही कहानी रो कोयावंशी देवगढ़ ता अजब कहानी-
गजब ही सुन्दर महल बनी माता उची पहाड़ी ते चण्डी माता-
कोएतुर राजा न यदा राजधानी रो कोया वंशी देवगढ़ ता-
हाथी खाना ते गौरी खाना मोती टाका ते ऐर उंदना अंजि कुन सभी उदना-
बादल महल ता काम निरालो कोटा पर कोटा अगा बना माता-
चंडी माता न दर्शन कि किट अपनों मन ता-
दुःख तान विहाकिट अपनों मनोकामना-
जीवन सफल आयल रो कोया वंशी देवगढ़ ता अजब कहानी...
शशिकपूर धुर्वे@9407805312.
Posted on: Jul 28, 2018. Tags: CHHINDWARA GONDI SONG SHASHIKAPUR DHURWEY
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी...गोंडी बरसात गीत
ग्राम-पाठई, पोस्ट-कौड़िया, तहसील-पांढुर्ना, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से बस्तीराम नागवंशी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को बरसात के समय में गाया जाता हैं, जब हमारे यहाँ दांडिया या डंडार होता हैं और ढोल बजते है:
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी-
बारिश ता मंजा इमा नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी-
सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता,सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता-
रिमझिम-रिमझिम बरसात आयी लाता-
निवा पोंडिना,निवा पोंडिना इमा समले किम सांगो दा-
लक इमा बाड़ी उतोनी बारिश ता मंजा-
डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता, डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता-
कट कट-कट कट येनदी इमा लाता, कट कट-कट कट येनदी इमा लाता-
अणि दांदर ता पोल इमा सजी किम नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी-
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी...
बस्तीराम नागवंशी@9425648073.
Posted on: Jul 28, 2018. Tags: BASTIRAM NAGVANSHI CHHINDWARA GONDI SONG
अरे पढ़ना बढ़ना ता, स्कूल खुले माता...गोंडी गीत
ग्राम-पाठई, पोस्ट-कौड़िया, तहसील-पांढुर्ना, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से बस्तीराम नागवंशी एक गोंडी गीत गा रहे हैं जो शिक्षा के ऊपर आधारित हैं जब स्कूल लगता हैं और आदिवासी बच्चे बहुत कम स्कूल जाते हैं तो उनको प्रेरित करने के लिए यह गीत है:
अरे पढ़ना बढ़ना ता, स्कूल खुले माता-
आदिवासी भाई निकुन बाड़ी नींद वाता-
अरे पढ़ना बढ़ना ता, स्कूल खुले माता-
आदिवासी भाई निकुन बाड़ी नींद वाता-
मैडम भी वाता आणि गुरूजी भी वातोल-
आदिवासी भाई निकुन बाड़ी नींद वाता-
अरे पढ़ना बढ़ना ता, स्कूल खुले माता...
बस्तीराम नागवंशी@9425648073.
