उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
उनके मन में लोभ नहीं है,
पाप नहीं, परवाह नहीं,
जग का सारा माल हड़प कर,
जीने की भी कोइ चाह नहीं,
जो मिलता है अपने छम से
उतना भर लेते हैं,
औरों के हित उसे छोर देते हैं...

Posted on: May 18, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

बैंक से लोन नहीं मिल रहा है...मदद करे

ग्राम- पपनी तहसील- प्रतापपुर जिला- सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से संतोष देव मरावी अपना समस्या बता रहे हैं| यह बोल रहे है की, जिला सूरजपुर कार्याल कुटयोग से 1 लाख का लोन पास कराया था, वहां से पास हो गया पर बैंक मैनेजर लोन नहीं दे रहा है| पिछले 3 महीने से घुमा रहा है| बैंक का नाम कैनरा बैंक है, शाखा नंबर- 06058 है| इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं इनकी मदद करें| बैंक मैनेजर @8959909086 टोल फ्री नंबर@180023332000| संपर्क नंबर@7828813973

Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATISGARH SANTOSH DEV MARAWI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

ले मसाल चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक समाजवाद पे एक कविता सुना रहे हैं :
ले मसाल चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के,
अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गांव के,
पुछते हैं झोपड़ी, पुछते हैं खेत भी,
कब तक लूट ते रहेंगे लोग मेरे गांव के,
बिन लडे मिलता यहाँ जान कर,
अब लड़ाई लड़ रहें हैं लोग मेरे गाओं के...

Posted on: May 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

समाजवाद- एक कविता|

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक समाजवाद पे एक कविता सुना रहे हैं :
समाज वाद बबुआ धीरे धीरे आयी,
अरे हाथी में आयी, घोरा में आयी,
अंग्रेजी बाजा बाजे, धीरे धीरे आयी,
अंधी से आयी, गाँधी से आयी,
बिरला के घर में समायी, समाजवाद बबुआ,
नौखा से आयी, धोखा से आयी...

Posted on: May 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
एक खेत नहीं एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे-
यहां पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यह सागर सागर मोती हैं-
यह सारा मान हमारा है, हम सारा खजाना मांगेंगे-
हम मेहनतकस वाले थे, जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...

Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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