मेरी मईया है नौ दिन बहार की...भजन-
जिला-प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) से अभिषेक कुमार भजन सुना रहे है:
लाई लाई दो फूल गुलाब की-
मेरी मईया है नौ दिन बहार की-
हो मुझे बाजार जाना पड़ेगा-
चुनरी वालो से कहना पड़ेगा-
चुनरी दे दो तुम्हारा क्या जायेगा-
मेरी मईया का मन रह जायेगा...(AR)
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: ABHISHEK KUMAR PRYAGRAJ BHAJAN
कहाँ रहते हो तुम प्रभु...भक्ति गीत-
जिला-जसपुर (छत्तीसगढ़) से सशीकला तिग्गा एक भक्ति गीत सुना रही हैं:
कहाँ रहते हो तुम प्रभु-
कहाँ रहते हो तुम बताओ-
तुम्हे ढूंढूं कहाँ-
तुम्हे खोजूं कहाँ-
अधूरा मै तेरे बिना...(AR)
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BHAKTI SONG
तुम्हारा मन व्याकुल न हो...छंद-
ग्राम-रनपोटा, पोस्ट-मरघटी, तहसील-मालखरोदा, जिला-जांजगीर (चापा) छत्तीसगढ़ से कृष्णा कन्हैया एक छंद सुना रहे हैं, तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। (184127) GT
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG CHHAND JANJGIR CHAPA KRISHAN KANHAIYA
स्वास्थ्य स्वर : मुह के छालों का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी मुह में छालें होने का घरेलु उपचार बता रहे हैं, वंशलोचन 50 ग्राम, 2 चम्मच शहद इन सबको मिलाकर छालें में लगाने से लाभ हो सकता है, 2. हर्रा का चूर्ण, त्रिफला चूर्ण एक चम्मच खाना खानें के बाद गुनगुने पानी से सेवन करने से लाभ हो सकता है, इससे स्वास्थ्य संबंधी लाभ हो सकता है, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, घरिष्ट भोजन का सेवन कम करें, नशा न करें, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR
समय की कीमत...कहानी-
विकासखण्ड-सेंधवा, जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं, समय की कीमत एक वर्ष इसकी कीमत उस धरती से जिसने वर्ष भर रात दिन मेहनत की किन्तु अंतिम परीक्षा में अमुक्तियाँ हो गया, इनकी कीमत पुछियें समाचार पत्र संपादक से, इसके कीमत पूछिये ये मजदूर से जो अकेला कमाने वाला हो और उसे एक दिन काम ना मिला हो, उसकी कीमत पूछिये जिसका माँ अंतिम सांसे जिन्दा हो उसे माँ से मिलना हो, अथात प्रयास करने के बाद उसे पहले पहुचने के बाद बस छुट चुकी होती है|
