लाखो करोड़ो पारी आंसू बह रहे है... गीत

(उत्तरप्रदेश)से भीम प्रशाद गीत सुना रहे है :
लाखो करोड़ो पारी आंसू बह रहे है – संविधान के रचाइया दुनिया से जा रहे है-
ले कर के रात काली आया है छः दिसम्बर-
चुप चुप के रोये धरती आंसू बहाए अम्बर-
गाँधी भीम जी की आरती उतार रहे है... (184495) gm

Posted on: Feb 02, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER

सहकार रेडियो : खोजों की कहानी

श्रोताओं आज आप सीजीनेट पर सुन रहे हैं, ज्ञान-विज्ञान की श्रृंखला में हवा की ताक़त की खोज की कहानी | जिसे सुना रही हैं जयपुर, राजस्थान से सुनीता जी| लेख लिखा है अंशूमाला गुप्ता ने| इसे हमने लिया है ‘भारत ज्ञान विज्ञान समिति’ द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘खोजों की कहानी’ से| ध्वनि संपादन किया है शिल्पी ने|
इस कार्यक्रम को https://www.sahkarradio.com/ से लिया गया है|

Posted on: Feb 02, 2021. Tags: SAHKAR RADIO SONG VICTIMS REGISTER

हाथो में तेरा हुआ प्यारा...गीत

जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से मुकेश राजपुत एक गीत सुना रहे हैं:
हांथों में तिरंगा प्यारा-
तेरे गोद का मुझको सहारा-
जय जय हो भारत भूमि-
जय जय हो भारत माता-
मै कब से तरस रहा था-
ये तिरंगा तन को छू ले-
इतनी सी खुशी के बदले-
चाहे सारा जीवन ले ले...

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG MUKESH RAJPUT MUNGELI SONG

मोरो नागरिहा आवत होही ओ...छत्तीसगढ़ी गीत

राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से जया मुंडे एक गीत सुना रही हैं:
कोठा म पैरा डालेच नई हंव-
आगी घलो बारेच नई हंव-
का कईहो आंव गोठियावय नहीं-
आज मोरो बात आवय नहीं-
होगे नागर ढीले के बेरा जवारा-
मोरो नागरिहा आवत होही ओ...

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG

जैसा मैंने सोचा था...गीत-

ग्राम-भोजपुर, तहसील-सारंगगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से घासीदास महंत गीत सुना रहे हैं:
चाँद सी महबूबा हो मेरी-
कब ऐसा मैंने सोचा था-
हाँ तुम बिलकुल वैसी हो-
जैसा मैंने सोचा था-
न कसमे हैं न रसमे हैं-
न सिकवे है न वादे है...

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG GHASIDAS MAHANT RAIGARH SONG

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