बारिश में सड़क में कीचड: अन्य अधिकारियों की तरह मुख्यमंत्री के आश्वासन से भी कुछ नहीं हुआ...

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के साथ घूमते हुए तहसील-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) में रूपलाल मरावी की मुलाक़ात ग्राम सिन्धोरा पोड़ी गाँव के रामधनी से हुई है जो की अपने गाँव में रोड की समस्या के बारे में बता रहे हैं कि करीबन ६००-७०० परिवारों की बस्ती है जहां पर बारिश के दिनों में कीचड़ बहुत हो जाता है जिससे आवागमन में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, पिछले चुनाव के समय जब मुख्यमन्त्री का दौरा था तब भी ग्रामीणों ने इस संदर्भ में आवेदन दिया था और अन्य अधिकारियों की तरह उन्होंने भी आश्वासन ही दिया लेकिन अभी तक रोड निर्माण शुरु नही किया गया है, कृपया रोड़ बनवाने में हम ग्रामीणों की मदद करे- जिला कलेक्टर@9425168667, जिला पंचायत सीईओ@9753725845 को फोन करें.

Posted on: Apr 04, 2017. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

गाँव के हमारे हिस्से में हैण्डपम्प नहीं हैं तो हम दूर से पानी लेकर आते हैं कोई अधिकारी नहीं सुनता..

ग्राम-खोडरी, तहसील-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रूपलाल मरावी को ग्रामीण महिलाएं बता रही है कि वार्ड नंबर 8 में कोई हैण्डपम्प नहीं है और वे दूसरे टोले से पीने का पानी लेकर आती है इन ग्रामीण महिलाओं की मांग है कि उनके टोले में एक हेंडपंप लगाया जाए, उन्होंने कई अधिकारियों को इसके लिए अनुरोध किया है पर किसी ने मदद नहीं की. आप से अनुरोध है कि कृपया इन महिलाओं की मदद करने के लिए आप जिला कलेक्टर एवं जनपद पंचायत सीईओं को फ़ोन कर दबाव बनाए जिला कलेक्टर@9425168667, जनपद पंचायत सीईओ@9753725845 जिससे इनको पानी लाने के लिए गर्मी के दिनों में लंबा चलना न पड़े
अधिक जानकारी के लिए ग्रामीण@8305728561.

Posted on: Apr 03, 2017. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

आदिवासी समुदाय महुआ के फूल को अपना राष्ट्रीय फूल मानते हैं, यह उनके जीवन से जुड़ा हुआ है...

वीरेंद्र सिंह मरावी महुआ के पेड़ से मिलने वाले लाभ के बारे में बता रहे है, वे बता रहे हैं कि महुआ के फूल को आदिवासी अपना राष्ट्रीय फूल मानते है इसकी खुशबू सालो साल तक यथावत बनी रहती है इसके फूल को दो मिनिट पानी में भिगोने पर यह ऐसे दिखाई देता है जैसा ताज़ा फूल हो.आदिवासियों के जीवन और जीविका से यह सीधा जुड़ा है, आदिवासी समुदाय प्रकृति पर निर्भर है जल जंगल जमीन से उनका सीधा जुड़ाव है, वे आगे कह रहे हैं कि अगर जंगल से या वनोपज से आदिवासी समुदाय को दूर कर दिया जाए तो आदिवासी समुदाय का जिन्दा रहना मुश्किल हो जायेगा, महुआ से लोग खाने में लाटा, हलुआ, और बिस्किट भी बनाते है है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक है.

Posted on: Apr 03, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA SINGH MARAVI

राज्य की नीति है राज्य नीति, बदल गया नाम हुवा युद्ध नीति...कविता

मालीघाट ,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रवि कुमार वर्मा एक कविता सुना रहे है :
राज्य की नीति है राज्य नीति, बदल गया नाम हुवा युद्ध नीति-
कोन है यहाँ सच्चा नेता ,किसको कहे अच्छा या बुरा-
किसमें है नेतृत्व का गुण जीतेगा कोन जनता का मन-
जन तंत्र की है माग क्या बताएगा कोन-
कोन है जो वादा करते नहीं ,कोन है जो निभाते सही-
धरा पुकारे चीख यहाँ ,दिया कोन उसको नाम यहाँ...

Posted on: Apr 01, 2017. Tags: RAVI VERMA SONG VICTIMS REGISTER

नीम की टहनियों पर मचल उठा बोर...कविता

ग्राम-छतरपुर, विकासखण्ड-घुघरी, जिला-मंडला,(मध्यप्रदेश) से
मोहन मरावी गीत सुना रहे है :
नीम की टहनियों पर मचल उठा बोर-
आया है ऊमस भरा गर्मी का दौर-
सूरज अब जल्दी ही जाता है-
जाग दिन भर बरसता है धरती पर आग-
हवा नहीं रख पती है गर्मी पर-
गोर लुवो के झोके से झुलस रहा दात-
गर्मी ने दे डाली कपड़ो को मात-
चली गई एसे में ठंडक की ठोर-
आता यदि बादल का टुकड़ा जिस ओर-
फैलाते उसके ही आगे हम हाथ-
थोड़ी सी छाव तभी होती सर मोर-
दिन भर के बाद कही आती जब शाम-
तब जा के मिल पाता मन को आराम-
मगर रात में होती अकुलाहट और...

Posted on: Apr 01, 2017. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »