घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा-
पग पग-पर बिछे हैं सर्प बिच्छू-
काम के नाम पर तबाही की ओर चला जा रहा है-
मिट्टी, जल, जंगल, जलवायू, विनाश की ओर अग्रसर-
वन दानव, मानव सब रक्त की धार बहा रहे हैं...
Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चयनित स्थान पर योजना कार्य शुरू नहीं किये जाने से उक्त स्थान का विकास नहीं हो पायेगा...
उधरी पारा, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं कि आज छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार द्वारा लाई गई योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के लिये उनके गांव में 10 एकड़ शासकीय भूमि का चयन किया गया था| जो कालेज के पास है| सड़क के नजदीक है, उस स्थान पर आवासीय परिसर का निर्माण किया गया है| वह एक बड़ा क्षेत्र है| पशु गढ़ना 1070 लेकिन उस सब के बाद भी चयनित स्थान को अनदेखा करते हुए कार्य नहीं किया जा रहा है जिससे जो विकास उस स्थान पर होना है नहीं हो पायेगा : राजेंद्र गुप्ता@9993891275.
Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG PROBLEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा...होली गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक होली गीत सुना रहे हैं:
मुझे कृष्ण रंग है प्यारा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा-
बोलो कृष्ण रंग की होली, मरो प्रेम रंग पिचकारी-
भर लो प्रेम प्यार से झोली, बोलो प्रेम प्यार की बोली-
मुझे कृष्ण रंग है प्यरा, मुझे श्याम रंग ने दुलारा-
भर लो प्रेम प्यार से झोली, बोलो प्रेम प्यार की बोली...
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG HOLI KANHAIYALAL PADHIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन जाया रे...होली गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक होली गीत सुना रहे हैं:
मेरा मन प्रेम पुजारी, मेरा मन जाया रे-
कोई कहे नंदलाल, कोई कहे मुरली वाला-
कोई कहे धरो धरो, कोई कहे बांध डारो-
कोई कहे मधुवाला, कोई कहे गोपाला-
कोई कहे दधि चोर, कोई कहे माखन चोर...
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADHIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मुझे तुम इतना जगह दे दो कि मेरा चार पाई तो बिछ जाये-
मुझे तुम इतना अन्न दे दो कि मेरा दिन गुजर जाये-
मुझे इतना कपड़ा दे दो कि मेरा तन ढक जाये-
क्या लेकर आया है, क्या लेकर यहां से जाना है-
मुठ्ठी बांध के आया है, हांथ पसारे जायेगा-
तन कपड़ा भी तेरा साथ नहीं, फिर बईमानी लूट पाट क्या करना है...
