इद उंदी पाटा रा इद उंदी पाटा रा...गोंडी विवाह गीत

ग्राम पंचायत-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलावती वड्डे के साथ में कक्षा पांचवी की एक छात्रा है, जो एक गोंडी विवाह गीत सुना रही है:
रेला यो रेला रे रे रेला लोयो रेला रे रे रेला-
रेला यो रेला रे रे रेला लोयो रेला रे रे रेला-
इद उंदी पाटा रा इद उंदी पाटा रा-
लाले लर नानो वेळपुन्गार लाले लर नानो-
बदम इन्जोर एतनारा बदम इन्जोर एतनारा-
ह्य बदम मामूरा ह्य बदम मामूरा-
रेला यो रेला रे रे रेला लोयो रेला रे रे रेला...

Posted on: Aug 12, 2018. Tags: GONDI MARRIAGE KANKER CG NEELAVATI WADDE SONG

ओडिग-ओडिग मतेक रोय बेलोसा...गोंडी विवाह गीत

ग्राम-आमाखेड़ा, पंचायत-कलेप्रस, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ) से मंजय, पार्वती और सताय गोंडी भाषा में एक विवाह गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रे लो राला रे रे लोयो रेला-
ओडिग-ओडिग मतेक रोय बेलोसा-
बाई ओडिग-ओडिग बारंग-
दुकान लोपा बारंग रोय बेलोसा –
बाई दुकान लोपा बारंग...

Posted on: Aug 10, 2018. Tags: CG GONDI SONG KANKER MANJAY PARVATI

जाति बाति दाई लयोर रो मंडाते उदिता...गोंडी विवाह गीत

पंचायत-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामबाई कोरेटी और कुमारी कोरेटी एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे हैं :
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
जाति बाति दाई लयोर रो मंडाते उदिता दुल्हि किलेयता-
गडाते उदितोर दुल्हे कवय्तोर-
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
गाना रिसे दाई मरमा रो उठना रिसे दाई मरमा रो...

Posted on: Aug 10, 2018. Tags: CG GONDI SONG KANKER KUMARI KORETI RAMBAI KORETI

नींदों नान्दा करसा रोये नोनी नींदों...गोंडी गीत

ग्राम-बोंदानार, विकासखंड-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बुदनी, सुमित्रा और शांति एक गोंडी गीत सुना रहे है:
री री लोयो रीलो री री लो री लोय-
नींदों नान्दा करसा रोये नोनी नींदों-
नावा करसा निया रोये नोनी-
नीवे नायो नाय कायो कांदा-
री री लोयो रीलो री री लो री लोय...

Posted on: Aug 10, 2018. Tags: BUDNI CG GONDI SONG KANKER SHANTI SUMITRA

वनांचल स्वर: पहले के लोग जंगल पहाड़ से करील, चिरोटा भाजी आदि खाकर जीवन यापन करते थे...

ग्राम-वेरसेनार, पंचायत-बेसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की बुजुर्ग महिला पार्वती गोंडी भाषा में सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा की रानो वड्डे को बता रही है कि पहले ज़माने के लोग जंगल पहाड़ से जाकर सब्जी भाजी ढूँढकर लाते थे जैसे करील, चिरोटा भाजी पहले आदिवासी लोग ये सब खाकर जीवन यापन करते थे जिससे वे स्वस्थ रहते थे पर वे कह रही हैं कि आज के लोग पूरा बाजार पर निर्भर हो गए है| और अभी बाज़ार में सभी चीज में केमिकल मिला वाला खाना मिलता है, चावल में केमिकल है सब्जी में केमिकल है और चूंकि हर चीज बाजार से लेकर खा रहे हैं इसलिए अब के लोग जल्दी और बार बार भी बीमार पड़ जाते है|

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PARVATI VANANCHAL SWARA

« View Newer Reports

View Older Reports »