खेती बाड़ी बुलाथे, होगे देख तो बिहान...किसान गीत
रायपुर (छत्तीसगढ़) से सरला श्रीवास एक गीत सुना रहे हैं:
खेती बाड़ी बुलाथे होगे देख तो बिहान-
चल जाग जाग जाग रे किसान, उठ जाग जाग जाग रे किसान-
रतिहा पहागे भुइयां हा जुडागे बोरिंग मा पानी भरे माई लोग हा आगे-
राउत के होवथे हांका पारान-
अंगा कर के गोरसी थोर थोर सुलगथे-
गुडरिया अउ मैना अंगना मा चाहकथे – दाई पीसत हे जाता मा पिसान...
Posted on: Mar 21, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
मय्या मिली मुझे बिच बजार, दर्शन हो गए पहली बार...देवी गीत
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से श्रीमति मन्दाकिनी मिश्रा एक देवी गीत सुना रही है:-
मय्या मिली मुझे बिच बजार, दर्शन हो गए पहली बार-
राधे राधे हो गया दिल, राधे राधे हो गया-
बिंदिया मगाई मैंने पहली बार, मय्या को पहनाई मैंने दो,दो बार-
झूमकी मगाई मैंने पहली बार, मय्या को पहनाई मैंने दो,दो बार-
राधे राधे हो गया दिल, राधे राधे हो गया-
चुनरी मगाई मैंने पहली बार,मय्या को सजाया मैंने दो,दो बार...
Posted on: Mar 21, 2018. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
तोला सुमिरत हों मोर दुर्गा ओ दाई सुन ले मोर गोहार...जस गीत
ग्राम-लुडूटोला, पंचायत-दमगढ़, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राजेश पंदराम अपने सांथी प्रमिला पंदराम और श्रीबाई पंदराम के सांथ एक जस गीत सुना रहे हैं :
तोला सुमिरत हों मोर दुर्गा ओ दाई सुन ले मोर गोहार-
तोर दर्शन बर भीड़ लगे है, घूमथे बजार-
नव दिन के तय नव रूप वाली तोर महिमा है भारी-
पान सुपारी नरियल धरके आयों तोर दुआरी-
बरुआ मन सब लेके बाना करथे जय जयकार...
Posted on: Mar 19, 2018. Tags: BAI RAJESH PRAMILA SHREE SONG VICTIMS REGISTER
मोर छत्तीसगढ़ के मांटी मा बरसे बादर ले पानी...छत्तीसगढ़ गीत
ग्राम-लुडूटोला, पंचायत-दमगढ़, थाना-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राजेश पंदराम, प्रमिला पंदराम और श्रीबाई पंदराम एक छत्तीसगढ़ वंदना गीत सुना रहे हैं :
मोर छत्तीसगढ़ के मांटी मा बरसे बादर ले पानी-
धान कोदो अऊ तिवरा अरसी, चना के करबो किसानी-
नगर बैईला धर के जावत हों करे बार किसानी-
हमर धान कोदो बोए बार गिरत हवे पानी-
खेत डहर तै लाबे मोर, बर धर के खाना पानी-
निदाई कोड़ाई करबो हामन खेती जम्मो काम ला...
Posted on: Mar 19, 2018. Tags: RAJESH PRAMILA SHRIBAI SONG VICTIMS REGISTER
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे...स्वरचित गीत
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक स्वरचित गीत सुना रही हैं :
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे-
आकाश गिरे तो थमे कैसे, सखी बिछड़े श्याम मिले कैसे-
कपड़ा जो फटे दर्जी ने सीले, सखी मन जो फटे सिले कैसे-
कपड़ा जो धुले साबुन से धुलें, सखी मन की मैल धुले कैसे-
परदेश गए हों तो आश करूँ, दुनियां से गए तो मिले कैसे-
सखी बिछूड़े श्याम मिले कैसे...
