जाने वालो जरा मुड़ के देखो मुझे...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
जाने वालो जरा मुड़ के देखो मुझे-
मै भी इंसान हूँ मै तुम्हारी तरह-
मन के अंदर छुपाय मिलन की लगन-
है विधाता के हांथो की बिछड़ी किरन-
फिर रहा हूँ भटकता मै यहां से वहां-
इतना हैरान हूँ तुम्हारी तरह...
Posted on: Mar 08, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG
कागज के ये नोट है बाबू...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे हैं:
कागज के ये नोट है बाबू कागज के नोट-
कागज की है माया इनकी-
नियत में है खोट बाबू-
चले गाँव की ओर-
साचे के ये रंग अनेक-
जैसी करनी वैसी भरनी चले शहर की ओर... (AR)
Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA
मोर टोपी सिंघईया कहां गये...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता अपने वैवाहिक जीवन के 33 वी वर्षगांठ पर एक कविता सुना रहे हैं:
मोर टोपी सिंघईया कहां गये-
मोर भाषण देवईया कहां गये-
11 लाख रूपया के मोटर मा चढ़ के-
गरीबी हटईया कहां गये-
मोर बैरी ला खोजत हवो-
मोर दुश्मन ला खोजत हवो... (AR)
Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG POEM RAIGARH RAJENDRA GUPTA
मेरा उम्र हुआ पचपन का चाल चलन है बचपन का...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे हैं:
मेरा उम्र हुआ पचपन का-
चाल चलन है बचपन का-
हरियाली सी प्रेम सदा एक सा-
एक संत ने कहा जिन्दगी में कभी-
न करना खेती एक सा-
धान बोओगे तो कोदो जागेगा-
लोहे की खेती तुझे खूब भायेगा...
Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG
दो दिन की जिंदगी है दो दिन का मेला...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
आये भी अकेला जाये भी अकेला-
दो दिन की जिंदगी है, दो दिन का मेला-
रो रोकर कहता ये टूटता हुआ दिल-
नही हूँ तेरी किस्मत के काबिल-
आये भी अकेला जाये भी अकेला-
दो दिन की जिंदगी है, दो दिन का मेला...(AR)
