निमा बोगा मतोंने बाबू रोय...गोंडी गीत
ग्राम-पेनकोद्दो, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलाबती वड्डे के साथ बुदीबाई, सिंगयबाई, फगनीबाई और रमनी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
री री लोयो री री लो री री लो-
निमा बोगा मतोंने बाबू रोय-
निमा बोगा मोकान बाबू वेया ले-
री री लोयो री री लो-
पोरों दीपने मतों वैया बाबू ले-
री री लोयो री री लोयो री री लोयो...
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG GONDI KANKER NEELABATI WADDE PAKHANJUR SONG
हमारे गाँव के स्कूल का छत फटा हुआ है पानी टपक रहा है, दो साल से किचन में पढाई चल रही है...
ग्राम-तोकजबेली, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मनकुराम, गुरुदास सरोठे और अर्जुन मठामी बता रहे है कि उनके गाँव का स्कूल का छत फटा हुआ है और पूरा पानी टपक रहा है बच्चे लोग पढाई नहीं कर पा रहे है| किचन रूम में बैठकर पढाई कर रहे है ऐसा दो ढाई साल से चल रहा है उसके लिए गाँव के लोगो ने जनपद ऑफिस में दो बार आवेदन भी दिए थे लेकिन आज तक उसका कोई सुनवाई नहीं हुआ | तो उनका कहना है कि स्कूल की छत को ठीक किया जाए | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में अधिकारियो से बात कर स्कूल की छत को ठीक किया जाए : CEO@07868222203, 9425258269. अधिक जानकारी के लिए संपर्क@7647013487.
Posted on: Sep 07, 2018. Tags: CG EDUCATION GURUDAS SAROTHE KANKER MANKURAM PAKHANJUR SONG VICTIMS REGISTER
कसूर घूटे पराड येलो दुवार तूने नेराड़ा हो...गोंडी गीत
ग्राम-पिंडकसा, पंचायत-कुरेनार, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोंगरी, सोगीबाई, रतोबाई और पोलोबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेलाय हो-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो-
जाति बाती पेकोर हो-
जाति बाती पेकोर-
कसूर घूटे पराड येलो-
दुवार तूने नेराड़ा हो...
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MOGRI PAKHANJUR RATOBAI SOGIBAI SONG
हमारे गाँव में ज्यादा लोग छत्तीसगढ़ी बोलते हैं पर हमलोग मातृभाषा गोंडी को बचाकर रखना चाहते हैं...
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, तहसील-पखांजूर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रैनूराम कोला और सालेकराम टोप्पो सीजीनेट के अमर मरावी को उनके गाँव में बोले जाने वाले भाषाओं के बारे में बता रहे है कि वहां के आदिवासी गोंडी भाषा में बहुत कम बोलते है छत्तीसगढ़ी भाषा में ज्यादा बातचीत करते है और घर में अपने परिवार के साथ गोंडी भाषा में बात करते हैं जो आदिवासियों की मातृभाषा है |उस भाषा को भूलते जा रहे है अब धीरे-धीरे मातृ भाषा लुप्त होते जा रही है| लेकिन अब आदिवासी लोग अपनी भाषा को बचाकर रखना चाहते है| उनके गाँव में सीजीनेट की यात्रा पहली बार गया हुआ था| वहां के लोगो को बहुत अच्छा लगा |
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: CG KANKER LANGUAGE PAKHANJUR RAINURAM KOLA SALEKRAM TOPPO SONG VICTIMS REGISTER
ये आप के हम जान दे परिवर्तन की इस बेला में...स्वागत गीत
ग्राम-सावेर, पोस्ट-बांदे, ब्लाक-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रुकमनी उसेंडी एक स्वागत गीत सुना रही है:
ये आप के हम जान दे-
परिवर्तन की इस बेला में-
मधुर मुस्कान से करते हम स्वागत-स्वागत-
शुभ स्वागतम् शुभ स्वागतम्-
पाऊल पाऊल धरती पे-
पड़े जो आपके शुभ कदम...

