कविता : उठो नई किरण के लिए ज़ाग रही दिशा...
प्री मेट्रिक छात्रावास-बेनूर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव और उनके साथ है रानाधिर एक कविता सुना रहा है:
उठो नई किरण के लिए ज़ाग रही दिशा-
उठों-उठों सन्देश दे रहीं है दिशा-दिशा-
खिले कमल अरुण-तरुण, प्रस्पत बना रहा-
गगन सामने विकास है साज-सजा रहा-
भविष्य सामने खड़ा, प्रस्पत बना रहा...
Posted on: Nov 27, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
"नवा खाई" बस्तर की आदिवासी अनूठी लोक संस्कृति परम्परा, मगर ख़ास...
ग्राम-मरकाबेहड़ा, पंचायत-तालामीमुंजमेठा, ब्लॉक-नारायणपुर, जिला-नारायणपुर
(छत्तीसगढ़) से मोहन जो कि सामाजिक कार्यकर्ता लखन मंडावी से बस्तर के आदिवासी लोक संस्कृति में से एक नवा खाई अनूठी संस्कृति जो परम्परा सदियों से चली आ रही है इसमें खास बात यह है कि, नवा धान चावल की प्रसादी बनाई जाती है, गाँव में पहले पूजा की जाती है, उसके बाद घर के अंदर ही प्रसादी ग्रहण की जाती है, यह प्रसादी केवल परिवार के सदस्यों के लिए होती है, किसी अन्य को नहीं दी जाती|इस दिन घर के छोटे, बड़े बुजर्गो से विशेष आशीर्वाद लेते है. यह संस्कृति आज भी देश के आदिवासी क्षेत्रो में है, ख़ासकर बस्तर के आदिवासी क्षेत्र में नवा खाई के पहले नव धान का प्रयोग नहीं होता है...
Posted on: Nov 17, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
राशन दुकान का सराहनीय कार्य, वितरण प्रणाली न्याय संगत...
ग्राम-बोरंड, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हेमंत कुमार यादव जो कि बता रहे है| कि गाँव की राशन दूकान पर अनाज मिलता है. दुकान संचालक हेमंत कुमार यादव, बता रहे है. गाँव में 336 परिवार ग़रीबी रेखा से निचे जीवन यापन करने वाले है| अभी जो राशनकार्ड है, उनको लाभ दिया जाता है| बाकि लोंगों को राशन प्रणाली के हिसाब से दिया जायेगा. अभी पंचायत से बहार से आये लोंगों को राशन का लाभ दिया जाता है, जो कि गाँव से 25 किलोमीटर से ज्यादा है, यह कार्य बहुत ही सराहनीय है. जो हर राशन दुकान पर इस प्रकार का कार्य होना चाहिए. आभार के साथ धन्यवाद...
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
पहले यहाँ शेर बहुत हुआ करते थे, जिसके चलते गाँव का नाम "बाघडोंगरी" हो गया...
ग्राम-बाघडोंगरी, जिला-नारायपुर (छत्तीसगढ़) से मंगलराम पोटाई जो कि बाघडोंगरी पंचायत के सरपंच है, साथ है चैनसिंह पोटाई जो कि गाँव के बारे में जानकारी दे रहे है. बता रहे है कि गाँव नाम बाघडोंगरी कैसे पड़ा, पहले यहाँ पहाड़ जंगल बहुत हुआ करता था, तो यहाँ शेर भी बहुत रहते थे, जिसको की बाघ भी कहते है. डोंगर मतलब पहाड़ जंगल हो गया जिसके चलते गाँव का नाम बाघडोंगरी पड़ गया, पहाड़ के उस पार दूसरा गाँव है, फूलकोडो है. गोंडी ‘फूलकोडो’ अर्थ फूलोँ का बगीचा होता है. बाघडोंगरी को दोनों नाम से जाना जाता है. गोंडी में फूलकोडो के नाम से भी जाना जाता है. प्रकृति से जुड़े रहने के कारण पहले रहने वाले लोगों के द्वारा ज्यादातर गाँवो के नाम ऐसे ही पड़ते थे.
Posted on: Nov 14, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
छोटे-छोटे कदम हमारे, आगे बढ़ते जायेंगे...कविता-
ग्राम-चिनारी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव गाँव की प्राथमिक शाला के बालक-बालिकाओं, सेवंती, समोती, मनीष व अन्य साथियों से कविता सुन रहे है:-
छोटे-छोटे कदम हमारे, आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे, हर दम पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हांथ हमारे, गड्ढ़े खूब बनायेंगे-
इस गड्ढ़े में अच्छे सुन्दर, पौधे खूब लगायेंगे-
घर आंगन को साफ़ रखेंगे, गलिया साफ बनायेंगे-
कैसे जीना हमे चाहिए, जी कर हम दिखलायेंगे...
