चार जंगल में खोजे, नई मिले चार तेंदू पान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चार जंगल में खोजे, नई मिले चार तेंदू पान-
पहाड़ पर्वत लागथे वीरान वीरान-
मौहारी में नई मिले डोरी महुवा-
पहले जब बिनत रहें जौहा-जौहा-
आमा बोराई में अब नई दिखे आम-
सब्बो हो गईस तहस नहस-
नई दिखे जाम...

Posted on: Mar 26, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

चिंदी चिंदी कपड़ा, कर रहा बीच बाजार में लफड़ा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चिंदी चिंदी कपड़ा-
कर रहा बीच बाजार में लफड़ा-
करा रहा है झगड़ा-
जीतता वही जो तगड़ा-
मिनी कट अधनंगी-
वही फैला रही है गंदगी...

Posted on: Mar 25, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

नहीं कोई किसी का मम्मी पापा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
यहां लगा है आपा धापा-
नहीं कोई किसी का मम्मी पापा-
अपने आप हैं बड़े पापा-
किसी को कौन अलापा-
सभी चाहते अपना सम्मान-
सभी बनाना चाहते धन-
बनना चाहते धनवान...

Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

छोटी सी ये जिंदगी बड़ा माया का जहाँ...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
छोटी सी ये जिंदगी बड़ा माया का जहाँ-
कभी वृक्ष का भूत तो कभी होने को मालामाल-
अक्सर माया मोह के जाल में-
सुख शांति कभी चैन नहीं-
जितने निकालने की कोशिश करो-
भवर का कोई सवाल नहीं...

Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मोठा लुगरा मोटहा पट्टा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मोठा लुगरा मोटहा पट्टा-
दाई दादा बिंद के बिनय सिक्का-
कहां गईस ओ सुग्घर गहना-
बिंद के सुग्घर दिखे बहना-
दिखत है जंगल झाड़ बिरान-
खेती बाड़ी में नई आय जान...

Posted on: Mar 24, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM SONG VICTIMS REGISTER

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